
जब बाबा साहब ने दलित लेखकों से कहा था- ‘दलितों की बहुत बड़ी दुनिया है, इसे भूलना मत’
ब्लॉग- डॉ. निशा सिंह स्वतंत्रता के बाद जो लेखन के क्षेत्र में विमर्श प्रारंभ हुआ, उसने नब्बे के दशक तक आते-आते पूरी रफ्तार पकड़ ली. राजनीति के क्षेत्र में दलित

ब्लॉग- डॉ. निशा सिंह स्वतंत्रता के बाद जो लेखन के क्षेत्र में विमर्श प्रारंभ हुआ, उसने नब्बे के दशक तक आते-आते पूरी रफ्तार पकड़ ली. राजनीति के क्षेत्र में दलित

दरअसल, यह बात उस वक्त की है, जब बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर (Dr. BR Ambedkar) की पत्नी का निधन हो गया था. बाबा साहब मधुमेह (Diabetes) जैसी गंभीर बीमारी

ब्लॉग- बलविंदर कौर नन्दनी भारतीय समाज के भीतर इतिहास द्वारा जात-पात की एक ऐसी व्यवस्था को खड़ा किया गया है, जिसमें मनुष्य अपने जन्म से लेकर मृत्यु तक उलझा हुआ

दलित आंदोलन या विमर्श के प्रमुख नायक भारत रत्न बाबा साहेब (Baba Saheb) डॉ. भीमराव आंबेडकर (Dr. BR Ambedkar) हुए, जिन्होंने पहली बार गहन अध्ययन कर विस्तृत फलक पर दलित