
मिलिए, भीम गीत गाने वालीं कडुबाई खरात से, जो ‘दलितों की आवाज़’ बन गईं
किसी भी इंडस्ट्री में दलित कलाकारों के लिए मुख्यतः जातिवाद एक चुनौती है. हालांकि इनके बावजूद अपनी प्रतिभा के बल पर दलित समाज से कुछ ऐसे कलाकार भी उभरे हैं,

किसी भी इंडस्ट्री में दलित कलाकारों के लिए मुख्यतः जातिवाद एक चुनौती है. हालांकि इनके बावजूद अपनी प्रतिभा के बल पर दलित समाज से कुछ ऐसे कलाकार भी उभरे हैं,

ब्लॉग- डॉ. निशा सिंह दलित (Dalit) विमर्श क्या हैं ?दलित विमर्श का क्षेत्र कितना हैं ? इसका अर्थ क्या हैं? आदि सवालों का जवाब दलित चिन्तक कंवल भारती इस प्रकार देते

निर्देशक, निर्माता, कार्यकर्ता और फिल्म निर्माता पा रंजीथ (Pa Ranjith) ने भारतीय घरों में जाति पर चर्चा-विमर्श करने के रास्ते खोले हैं. रंजीथ ने चार फिल्मों का निर्देशन किया है,

देश के सबसे बड़े/स्पेशलिस्ट अस्पताल अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानि एम्स (AIIMS) में एक वरिष्ठ महिला रेजिडेंट डॉक्टर के जातिगत उत्पीड़न का मामला सामने आया है. गंभीर बात यह है