
गुजरात: वाल्मीकि शिक्षक को गांव में नहीं देता कोई रहने को घर, 150km रोज सफर कर बच्चों को पढ़ाने आते हैं
अनुसूचित जाति (Scheduled Caste) के वाल्मीकि समुदाय (Valmiki Community) का होने के चलते दलित शिक्षक (Dalit Teacher) को यह सब झेलना पड़ रहा है.

अनुसूचित जाति (Scheduled Caste) के वाल्मीकि समुदाय (Valmiki Community) का होने के चलते दलित शिक्षक (Dalit Teacher) को यह सब झेलना पड़ रहा है.

ओमप्रकाश वाल्मीकि (Om Prakash Valmiki): दोस्तों! इस चीख़ को जगाकर पूछो कि अभी और कितने दिनइसी तरह गुमसुम रहकर सदियों का संताप सहना है!

मैं जानता हूं मेरा दर्द तुम्हारे लिए चींटी जैसा और तुम्हारा अपना दर्द पहाड़ जैसा -ओमप्रकाश वाल्मीकि (Om Prakash Valmiki)

इस लेख के माध्यम से आइये हम सभी जानते हैं मान्यवर साहेब कांशीराम के अनमोल विचार (Kanshi Ram Ke Anmol Vichar)…