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mainpuri dalit brutalized till death by bullies, UP Police register FIR

मैनपुरी में दबंगों ने दलित को पीट-पीटकर मार डाला, देखें वीडियो

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मैनपुरी (Mainpuri) में एक और दलित (Dalit) की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्‍या कर दी गई. इस घटना को महज एक अफवाह पर अंजाम दिया गया. अफवाह थी कि इस शख्‍स ने अपनी बेटी को बेच दिया था.

जब दलित व्यक्ति को जब पीटा जा रहा था तब किसी ने इस घटना का वीडियो बना लिया जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. इसके बाद यूपी पुलिस (UP Police) में हड़कंप मच गया और मौके पर पहुंची पुलिस अब जांच-पड़ताल कर रही है.

सभी आरोपियों की तलाश जारी
अब पुलिस वीडियो में दिख रहे उन सभी आरोपियों की तलाश कर रही है, जिन्‍होंने दलित की बेरहमी से पिटाई की.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मैनपुरी के कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला खरगजीत नगर में 40 साल के सर्वेश दिवाकर उर्फ मौला एक मकान में किराए पर रहता था. बीते रविवार को ही उसका मोहल्ले के लोगों से विवाद हुआ और दबंगों ने उसकी बुरी तरह पिटाई कर दी थी. वह गंभीर रूप से घायल हो गया. घटना की सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने उसे इमरजेंसी में भर्ती कराया, लेकिन सोमवार सुबह उसकी मौत हो गई.

इसके बाद साहुल जादौन पुत्र राजेंद्र सिंह, शिव जी उर्फ शिवम पुत्र श्रीपाल, राजन पुत्र अज्ञात सभी निवासी खरगजीतनगर तथा कुछ अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या की तहरीर दी गई है.

देखें वीडियो…

आरोपियों की जल्‍द गिरफ्तारी के आदेश
इस घटना की जानकारी मिलते ही एसपी अजय कुमार पांडेय मौके पर पहुंच गए. एसपी ने परिजनों से जानकारी लेने के बाद कोतवाली जाकर सर्वेश की बेटी और उनके अन्य परिजनों से भी बात की. उन्‍होंने एसपी को बताया कि सर्वेश की पत्नी सुनीता, बेटा भोला, बाबू कोलकाता में रहते हैं. पुत्री 14 वर्षीय हेमा अपने एक परिचित परिवारजन के साथ नोएडा चली गई थी. एसपी ने एएसपी मधुबन कुमार को निर्देश दिए कि वह आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी करें.

बेटी को बेचने की अफवाह गलत निकली
दलित शख्‍स की हत्या के पीछे कई वजह चर्चा में रहीं. आरोप था कि सर्वेश ने अपनी बेटी को 30 हजार रुपये में बेच द‍िया. लेकिन पुलिस ने आरोप की जांच की तो ऐसा कुछ नहीं पाया. मृतक के परिजनों ने भी इस आरोप को झूठा बताया. उन्‍होंने कहा कि सर्वेश ने अपनी बेटी को अच्‍छी तरह पाला-पोसा और आगे की पढ़ाई के लिए अपने एक रिश्‍तेदार के यहां भेज दि‍या. घटना के बाद मैनपुरी आई उसकी बेटी ने भी भी पुलिस को यही बताया.

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Agra Dalit Woman last rights

आगरा : ऊंची जाति के लोगों ने रोका दलित महिला का अंतिम संस्‍कार, पार्थिव शरीर चिता से उतरवाया

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के आगरा (Agra) में जातिगत भेदभाव की एक दुखद घटना सामने आई है, जोकि आज भी समाज में दलितों (Dalit) की स्थिति को बयां करती है. इस घटना के अंतर्गत आगरा के अछनेरा तहसील के रायभा गांव में एक दलित महिला का अंतिम संस्‍कार नहीं होने दिया गया. बताया जा रहा है कि जब दलित महिला का अंतिम संस्‍कार किया जा रहा था तो गांव के ऊंची जाति के लोगों ने कथित रूप से शव को चिता से उतरवा दिया.

एक रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस भी इस मामले को सुलझा नहीं पाई. इसके बाद महिला के पार्थिव शरीर का अन्यत्र अंतिम संस्कार किया गया.

रिपोर्ट के अनुसार, महिला नट जाति से संबंध रखती थीं. उसकी बीते सोमवार को बीमारी से मौत हो गई थी. इसके बाद परिजनों ने गांव के श्मशान घाट पर उसकी चिता तैयार की और जैसे ही चिता पर पार्थिव शरीर को अग्नि दी गई तो गांव के उच्च जाति के लोगों ने आकर उन्हें रोक दिया.

बात केवल यहीं तक नहीं रूकी. ऊंची जाति के लोगों ने पार्थिव शरीर को चिता से भी उतरवा दिया. मामला थाना अछनेरा पुलिस तक पहुंचा. क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे, लेकिन मामला हल नहीं हो सका. इसके बाद जलती चिता से शव को हटाकर अन्यत्र अंतिम संस्कार कराया गया.

रिपोर्ट में बताया गया है कि मृत महिला का 6 साल का मासूम बच्चा इस घटना को देख यह ढंग से भी नहीं समझ पा रहा था कि उसकी मां अब कभी नहीं उठेगी. वह अपने दादा के साथ हाथ में आग लेकर अपनी मां की चिता का चक्कर लगा रहा था और उन्हें मुखाग्नि दे रहा था, लेकिन दबंगों ने उन पर कोई रहम नहीं दिखाया और उनके हाथ से आग छीन ली और चिता को जलने से रोक दिया.

मामला मीडिया में आने के बाद एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि मामले की जांच सीओ अछनेरा को सौंपी गई है. दोषियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी.

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UP Bareilly Dalit Woman

सरकारी नल से पानी भरने गई दलित महिला के सरेआम कपड़े फाड़े, पीटा

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बरेली में सरकारी हैंडपंप पर पानी भरने गई अनुसूचित जाति (Scheduled Caste) की महिला के कथित तौर पर कपडे़ फाड़ दिए जाने और उसके साथ मारपीट किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है. महिला की शिकायत पर दो आरोपियों को हिरासत में लिया गया है.

मामला बरेली (Bareilly) के पूर्वी फतेहगंज थाना क्षेत्र का है.

एक रिपोर्ट के अनुसार, पूर्वी फतेहगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली एक दलित महिला के घर के पास ही सरकारी नल लगा हुआ है, जिससे वह पानी भरने गई थी.

आरोप है कि इस दौरान वहां रहने वाले कुछ युवकों ने उसे सरकारी नल से पानी भरने से मना कर दिया.

पीडि़ता का कहना है कि उसने जररूत बताकर बाल्‍टी में पानी तो भर लिया, लेकिन इसको लेकर विवाद हो गया.

उसका आरोप है कि जब उसने युवकों का विरोध किया तो उन्‍होंने सरेआम उसके कपड़े फाड़ दिए. किसी तरह उसने भागकर अपने आप को बचाया. बाद में जब वह दोबारा सरकारी नल पर पानी भरने पहुंची तो आरोपियों ने उसे फिर घेरकर खूब मारा और गांव से बाहर भगाने की धमकी भी दी.

इसकी सूचना महिला ने अपने परिवार के सभी लोगों को दी, जिसके इसकी शिकायत पुलिस को दी गई. पुलिस ने आरोप के आधार पर दो युवकों को हिरासत में ले लिया.

रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि सरकारी नल के बगल में ही आरोपी पक्ष का मकान बन रहा है. पुलिस का कहना है कि मलबा, ईंट उसके ऊपर न गिर जाए, इसके लिए महिला को मना किया गया था. इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो गई.

इस बारे में थाना प्रभारी, फतेहगंज पूर्वी अश्विनी कुमार का कहना है कि जांच में जो आरोप साबित होंगे, उसी के आधार पर उन पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा.

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UP Jaunpur Muslim burn Dalit Houses

यूपी: झगड़े के बाद मुस्लिमों ने जलाए दलितों के घर, योगी के आदेश- आरोपियों पर रासुका लगाओ

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के जौनपुर (Jaunpur) में मुस्लिम (Muslim) और दलित (Dalit) समुदाय के बीच हुए टकराव के बाद हिंसक भीड़ ने 10 दलित परिवारों के घर जला दिए. इस घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव का माहौल है. एहतियातन इलाके में भारी सुरक्षा बल की तैनाती की गई है.

जनसत्‍ता के अनुसार, यह घटना मंगलवार देर रात जौनपुर के बथेटी गांव में घटी. न्‍यूज़ रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटना के बाद सराय ख्वाजा स्टेशन से हटाए गए अफसर संजीव मिश्रा ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि मंगलवार शाम को कुछ दलित और मुस्लिम लड़के भैंसें और बकरियां चरा रहे थे. इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच कुछ कहासुनी हो गई.

इस मामले को लेकर पहले गांव के सरपंच ने हस्तक्षेप किया, लेकिन बात बनी नहीं और मामला बढ़ गया. इसके बाद मुस्लिम समुदाय के लड़के दलित बस्ती में घुस आए. इस दौरान एक युवक ने मुस्लिम युवक को थप्पड़ मार दिया.

इसके बाद दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी हो गई. रिपेार्ट में कहा गया है कि लोगों ने कथित तौर पर हथियारों का भी इस्तेमाल भी किया. मुस्लिम पक्ष के लोगों ने दलितों के घरों में आग लगा दी.

दलित परिवारों की तरफ से पुलिस को दी गई शिकायत में कहा गया है कि मुस्लिम लड़कों ने द्वारा जातिसूचक अपशब्द कहे जाने के बाद दोनों पक्षों की लड़ाई हुई.

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एक शिकायकर्ता का कहना है कि जब मुस्लिम लड़कों को रोका गया, तो उन्होंने मेरे भाई को मारना शुरू कर दिया. जब हमारे घर के सदस्य इस मारपीट के बारे में आरोपियों से बात करने उनकी घर गए, तो उन्हें भी अपशब्द कहे गए.

रिपोर्ट के अनुसार, शाम 6 बजे के आसपास मुस्लिम समुदाय के 57 जाने-पहचाने और 20-25 अपरिचित लोग हथियार और डंडों के साथ बस्ती में आए. उन्‍हें जान से मारने की धमकी दी गई.

डर के मारे बस्ती की महिलाओं को अपने घरों को छोड़कर पास के गांवों में जाना पड़ा. मुस्लिमों ने 10 घरों में आग तक लगा दी.

पुलिस ने इस मामलें में आरोपियों पर दंगा भड़काने, हत्या की साजिश और शांति भंग करने के केस दर्ज किए हैं.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके खिलाफ रासुका और गैंगस्टर एक्ट तक लगाने के लिए कहा है.

मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि पीड़ित परिवारों को सीएम आवास योजना के तहत 1 लाख रुपए की मदद दी जाए. इसके लिए सीएम ने 10 लाख 26 हजार रुपए की राहत राशि भी मदद के लिए दी है.”

इस मामले में दलित समुदाय की तरफ से शिकायत के बाद 57 लोगों पर एफआईआर दर्ज हुई है. इनमें 37 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया है.

गांव में तनाव के माहौल को देखते हुए अतिरिक्त पुलिसबल तैनात किया है. प्रशासन ने भी स्थितियों पर नियंत्रण न कर पाने के लिए जौनपुर के सराय ख्वाजा पुलिस स्टेशन के एसएचओ को हटाकर पुलिस लाइंस से अटैच कर दिया है.

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