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Uttar Pradesh Deoria Dalit Atrocities Dalit daughter in law thrashed by in laws put rod in her private part

Dalit Atrocities: बहू का छोटी जाति से होना सुसरावालों को नागंवारा, बांधकर पीटा, प्राइवेट पार्ट में रॉड डाली

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के देवरिया (Deoria) में प्रेम विवाह के चलते एक दलित महिला (Dalit Woman) को ससुराल वालों ने बेरहमी से पीटा है. दलित उत्‍पीड़न (Dalit Atrocities) के इस मामले में पीड़िता का कहना है कि सोते वक्‍त ससुराल वालों की तरफ से आए 6 से 7 लोगों ने उसे रस्‍सी से बांधकर बुरी तरह मारा. आरोप है कि महिला के प्राइवेट पार्ट में रॉड और डंडा भी डाला गया. पीड़िता के पति का कहना है कि उनके परिवार को उनकी पत्‍नी के छोटी जाति के होने से दिक्‍कत है. कई बार शिकायत करने पर भी आरोपियों की गिरफ़्तारी केवल इसलिए नहीं हुई, क्योंकि उसके चाचा बीजेपी किसान मोर्चा (BJP Kisan Morcha) में मंडल अध्यक्ष है.

न्‍यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, देवरिया में हुई इस घटना की पीड़िता ने कहा कि, “21 जुलाई की रात जब हम लोग सो रहे थे कि तभी ससुराल वालों की तरफ से 6-7 लोग आए और मुझे रस्सी से बांधकर मारने लगे. उन्होंने मेरे प्राइवेट पार्ट में रॉड और डंडा भी डाला.”

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एजेंसी से बातचीत में महिला के पति ने कहा कि मेरे परिवार को मेरी पत्नी की छोटी जाति से दिक़्कत है. उन्होंने कई बार ऐसा किया है. मैंने किसी तरह अपनी बच्ची को बचाया और पुलिस बुलाई. मेरी पत्नी खुन निकलने से बेहोश थी. कई बार शिकायत की लेकिन गिरफ़्तारी नहीं हुई, क्योंकि मेरे चाचा BJP किसान मोर्चा में मंडल अध्यक्ष हैं.

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इस घटना को लेकर देवरिया (Deoria) के एसपी संकल्‍प शर्मा ने कहा कि एक पीड़िता द्वारा अपने ही परिवारजनों सास-ससुर, देवर-ननद इत्यादी पर कुछ गंभीर आरोप लगाए हैं. इस संदर्भ में मदनपुर थाना में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया जा चुका है और विवेचना चल रही है. तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी.

Muzaffarnagar Pawti Khurd village munadi viral by Rajbir Pradhan for Chamars

मुजफ्फरनगर: ‘कोई भी चमार राजबीर प्रधान की ट्यूबवेल, खेत की मेढ़, समाधि पर दिख गया तो 5000 जुर्माना और 50 जूते लगेंगे’

नई दिल्‍ली/मुजफ्फरनगर : देश को आजादी मिले 70 साल से ज्‍यादा होने को आए, लेकिन भारत में दलित समाज (Dalit Community) अभी तक जातिवाद के चंगुल से निकल नहीं पाया. उन पर आज भी तरह-तरह से अत्‍याचार (Dalit Atrocities) हो रहे हैं. मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) में भी एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां खुद को प्रधान मानने वाले एक राजबीर नामक शख्‍स ने पावटी खुर्द गांव (Muzaffarnagar Pawti Khurd Village) में मुनादी करा दी कि कोई भी चमार (Chamar) अगर राजबीर प्रधान की ट्यूबवेल, खेत की मेढ़ या समाधि पर दिख गया तो 5000 जुर्माना और 50 जूते लगेंगे. पुलिस इस मामले में गंभीर रुख अपनाए हुए है और मुनादी करने वाले शख्‍स को गिरफतार कर लिया गया है. जल्‍द ही आरोपी राजबीर को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

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इस मामले के सामने आने के बाद भीम आर्मी के मुखिया (Bhim Army Chief) और आजादी समाज पार्टी (Azad Samaj Party) के अध्‍यक्ष चंद्रशेखर आजाद (Chandrashekhar Azad) ने नाराजगी जताई और घोषणा की है कि राजबीर प्रधान की ये गलतफहमी दूर करने वह जल्द पावटी जाएंगे. उन्‍होंने लिखा, यूपी के ज़िला मुज़फ़्फ़रनगर के गांव पावटी खुर्द में खुलेआम मुनादी हो रही है कि “कोई भी ‘चमार’ (Chamar) उसकी डोल, समाधि,ट्यूबवेल पर दिख गया तो 5 हजार रुपए जुर्माना और 50 जूते होंगे! हिंदू बनने का जिनको शौक़ चढ़ा था, उन्हें अब समझ आ गया होगा. वैसे इनकी गलतफहमी दूर करने मैं जल्द पावटी जाऊंगा. ये है मोदी और योगी के रामराज्य की एक झलक. लेकिन याद रखिये यह गुलाम भारत नही है, यह आजाद भारत है जो भारतीय संविधान से चलता है. भीम आर्मी के रहते ये गुंडागर्दी अब नहीं चलेगी.

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दरअसल, मुजफ्फरनगर कोर्ट (Muzaffarnagar Court) में पेशी के दौरान मारे गए कुख्यात विक्की त्यागी के पिता राजबीर प्रधान के नाम से पावटी खुर्द में मुनादी कराई गई है कि अनुसूचित जाति की चमार जाति से ताल्‍लुक रखने वाला का कोई भी व्यक्ति उसकी ट्यूबवेल, खेत की मेढ़ या समाधि पर दिख गया तो उसे पांच हजार रुपये जुर्माना और 50 जूते लगाए जाएंगे.

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इस मुनादी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो जाने पर मुजफ्फरनगर पुलिस हरकत में आई और मुनादी करने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है. एसएसपी अभिषेक यादव (SSP Abhishek Yadav) का कहना है कि गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है. राजवीर की गिरफ्तारी भी अति शीघ्र कराई जाएगी.

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बता दें कि जिस राजबीर प्रधान नाम के व्‍यक्ति ने यह मुनादी कराई वह विक्रांत उर्फ विक्की त्यागी का पिता है, जिसकी फरवरी 2015 में कोर्ट में पेशी के दौरान हत्या कर दी गई थी. एसओ ज्ञानेश्वर बौद्ध ने पुलिसकर्मी विक्की त्यागी के घर पर भेजे, लेकिन कोई मिला नहीं.

(Muzaffarnagar Pawti Khurd Village)

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Dalit Atrocities UP Hamirpur Dalit family is being harassed for 4 months at behest of village head UP police not taking action

Hamirpur: ग्राम प्रधान पर शह पर दलित परिवार का 4 महीने से हो रहा उत्‍पीड़न, पुलिस नहीं कर रही कार्रवाई

हमीरपुर. उत्‍तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के हमीरपुर (Hamirpur) में एक दलित परिवार (Dalit Family) पिछले चार महीने से ग्राम प्रधान की शह पर उत्‍पीड़न का दर्द झेल रहा है. इस परिवार के साथ आए दिन मारपीट की जाती है, उन्‍हें बेइज्‍जत किया जाता है और यह उनका उत्‍पीड़न (Dalit Atrocities) बढ़ता ही जा रहा है, लेकिन पुलिस प्रशासन मामले में आंखें मूंदे बैठा है. स्‍थानीय पुलिस इस मामले में कोई भी कार्रवाई नहीं कर रही. दरअसल, इस परिवार की महिलाओं को सरकारी हैंडपंप से पानी भरने की कीमत मारपीट और बेइज्जती कराकर चुकानी पड़ रही है.

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हिंदुस्‍तान की एक रिपोर्ट के अनुसार, मौदहा कोतवाली के अरतरा गांव (Artara village of Maudaha Kotwali) निवासी हीरेंद्र अहिरवार (Hirendra Ahirwar) का परिवार इस उत्‍पीड़न का शिकार हो रहा है. हीरेंद्र अहिरवार ने बताया कि उनके साथ उत्पीड़न (Atrocities) का यह सिलसिला पिछले चार महीने से चल रहा है. ग्राम प्रधान भी इसमें बराबर शरीक है.

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हीरेंद्र के मुताबिक, बीते 23 फरवरी को उसकी पत्नी सन्नू सरकारी हैंडपंप से पानी भरने गई थी. उस दौरान गांव के कामता प्रसाद प्रजापति ने उसके बर्तन उठाकर फेंक दिए थे और जातिसूचक शब्दों से अपमानित करते हुए उसे पंप से पानी न भरने देने की चेतावनी दी थी. उस वक्‍त तो पड़ोसियों ने किसी तरह मामले को शांत कराया था. लेकिन इससे पूर्व 16 अक्टूबर 21 को भी पानी भरने के दौरान योजनाबद्ध तरीके से उक्त कामता प्रसाद और इसके परिवार के लोगों ने उसकी पत्नी के साथ मारपीट की थी. पीड़ित परिवार का कहना है कि उनके साथ उत्पीड़न बढ़ता ही जा रहा है. वह उच्चाधिकारियों से कार्रवाई की गुहार लगा रहे हैं.

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HAmirpur Police Reply

दलित आवाज़ के खबर लिखे जाने और इसे सोशल मीडिया पर पोस्‍ट करने के बाद ट्विटर पर हमीरपुर पुलिस का जवाब आया है कि इस संबंध में थाना मौदहा पुलिस द्वारा प्राप्त प्रार्थना पत्र के आधार पर 05 आरोपियों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किया गया है और विवेचनात्मक कार्यवाही की जा रही है.

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लखनऊ: उन्नाव में दलित महिला की हत्‍या (Unnao Dalit woman Murder Case) के मामले में चौंकाने वाला खुलासा करते हुए पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि 22 वर्षीय पीड़िता को प्रताड़ित किया गया और उसकी गला दबाकर हत्या की गई. टाइम्स ऑफ इंडिया ने ऑटोप्सी रिपोर्ट के हवाले से बताया कि रिपोर्ट में गला घोंटने की पुष्टि हुई है. तीन डॉक्टरों के एक पैनल द्वारा किए गए पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया है,”महिला की गर्दन की हड्डी और सिर की हड्डी पर गंभीर चोट थी. मौत दम घुटने से हुई है”. पूरे पोस्टमॉर्टम की वीडियोग्राफी भी कर ली गई है.

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दो महीने से अधिक समय से लापता पीड़िता का शव गुरुवार को सदर कोतवाली थाना क्षेत्र सीमा के तहत कबा खेड़ा इलाके में पूर्व मंत्री और समाजवादी पार्टी के नेता फतेह बहादुर सिंह (Former UP minister Fateh Bahadur Singh) के बेटे राजोल सिंह (Rajol Singh) के स्वामित्व वाले खाली भूखंड पर एक सेप्टिक टैंक में मिला था.

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पीड़िता की मां ने बेटी की मौत के लिए राजोल सिंह को जिम्मेदार ठहराया है. उनका आरोप है कि पुलिस ने मामला दर्ज करने में ढिलाई बरती. जनवरी में पीड़िता की मां ने लखनऊ में समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) मुख्यालय के बाहर अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) की कार के सामने आत्मदाह करने की कोशिश की थी. उन्‍होंने आरोप लगाया था कि राजोल उर्फ​अरुण सिंह ने 8 दिसंबर 2021 को उसकी बेटी का जबरन अपहरण कर लिया था, जब वह उन्नाव के एक बाजार में जा रही थी. पुलिस ने 10 जनवरी को प्राथमिकी दर्ज की थी.

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इस बीच, सदर कोतवाली थाने के प्रभारी (एसएचओ) अखिलेश चंद्र पांडे को निलंबित (Akhilesh Chandra Pandey, SHO of Sadar Kotwali police station Suspended) कर दिया गया है. सहायक पुलिस अधीक्षक (एएसपी) शशि शेखर सिंह ने कहा, “इंस्पेक्टर ने लापता मामले को आगे आईपीसी की धाराओं में नहीं बदला, जिससे मामले में उसकी लापरवाही साबित हुई और उसे पुलिस अधीक्षक दिनेश त्रिपाठी ने निलंबित कर दिया.”

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गुरुवार को पुलिस ने मामले में एक और आरोपित को गिरफ्तार किया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है. जिलाधिकारी ने बताया कि पुलिस पर लगे लापरवाही के आरोपों की जांच के लिए जांच शुरू कर दी गई है.

(Unnao Dalit woman Murder Case)