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Dalit Rape

Dalit girl raped of in Amethi bleeding continued for three days police accused of not taking proper action

अमेठी में दलित बच्‍ची से कथित रेप, 3 दिन तक होती रही ब्‍लीडिंग, पुलिस पर ठीक कार्रवाई न करने का आरोप

नई दिल्‍ली/अमेठी: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कौशांबी में दलित महिला से कथित गैंगरेप (Kaushambi Dalit Woman Gang Rape) के बाद अब अमेठी (Amethi) में दलित बच्‍ची से विभत्‍स रेप (Dalit Girl Raped) का मामला सामने आया है. मामला अमेठी के मोहनगंज थाना इलाके (Mohanganj Police Station area) का है. आरोप है कि पुलिस ने इस मामले में पहले ठीक से कार्रवाई नहीं की. बता दें कि अमेठी बीजेपी सांसद स्मृति ईरानी का संसदीय क्षेत्र है.

न्‍यूज एजेंसी भाषा की रिपोर्ट के अनुसार, रेप की शिकार दलित लड़की की उम्र 10 साल है. जबकि आरोपी 17 साल का बताया जा रहा है. परिजनों द्वारा थाने में दी गई तहरीर के मुताबिक, बच्‍ची बीते 30 अगस्त की दोपहर गांव में ही खेल रही थी, तभी गांव का ही 17 साल का युवक उसे उठाकर ले गया और खेत में उसके साथ कथित दुष्कर्म किया.

तहरीर के मुताबिक, बच्‍ची को लगातार तीन दिन से रक्तस्राव हो रहा था. उसे परिजन डॉक्‍टर के पास ले गए, जहां लड़की ने अपने साथ हुई घटना के बारे में इस बात की जानकारी दी.

आरोप है कि मामले में पुलिस ने पहले ठीक से कार्रवाई नहीं की. रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस की भूमिका से नाराज तिलोई से भाजपा विधायक मयंकेश्वर शरण सिंह एवं प्रखंड प्रमुख मुन्ना सिंह ने मोहनगंज थाने पहुंचकर इस बाबत मुकदमा दर्ज कराया और पुलिस को उसकी कार्य प्रणाली के लिए फटकार लगाई.

इस संबंध में पुलिस उपाधीक्षक तिलोई अजय कुमार सिंह ने बताया कि मामला दर्ज कर विधिक कार्यवाही की जा रही है.

(Dalit Girl Raped)

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Dalit woman gang raped in Uttar Pradesh Kaushambi Mohabbatpur Painsa

अब कौशांबी में दलित महिला से गैंगरेप, केस दर्ज न कराने को लेकर पीड़िता को धमकाया

नई दिल्‍ली/लखनऊ : देशभर में दलितों पर उत्‍पीड़न (Dalit Atrocities) के मामले एकाएक तेजी से बढ़ रहे हैं. दलित बच्चियां और महिलाएं तो बिल्‍कुल सुरक्षित नहीं हैं. हाथरस गैंगरेप एवं मर्डर केस (Hathras gang rape and murder Case) के बाद दिल्‍ली कैंट में 9 साल की बच्‍ची से कथित रेप और हत्‍या (Delhi Cantt 9 year old Dalit Girl Gang Rape and Murder Case) एवं गुड़गांव में भी दलित बच्‍ची से रेप और हत्‍या (Gurgaon Dalit Girl Rape and Murder Case) के बाद उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कौशांबी जिले (Kaushambi District) में एक दलित महिला से गैंगरेप (Dalit Woman Gang Raped) का मामला सामने आया है.

यह घटना मोहब्बतपुर पइंसा थाना क्षेत्र की है, जहां 35 साल की दलित विवाहिता के साथ तीन युवकों द्वारा कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया गया है.

हिंदुस्‍तान की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना बीते गुरुवार की है, लेकिन आरोपियों के डर से मामला पांच दिन बाद दर्ज हुआ, जिसके बाद सोमवार की देर शाम मामला दर्ज कर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.

रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार आरोपियों ने महिला को कहीं पर भी शिकायत न करने की धमकी दी थी और ऐसा करने पर जान से मारने की धमकी दी थी. इससे महिला काफी डरी हुई थी और वह घटना के पांच दिन बाद इसकी रिपोर्ट दर्ज करा पाई.

कौशांबी के पुलिस अधीक्षक राधेश्याम विश्वकर्मा ने बताया कि सोमवार को पीड़िता ने तीनों आरोपियों के विरुद्ध तहरीर दी और उनके खिलाफ देर शाम मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया.

(Dalit Woman Gang Raped)

13 year old Dalit girl from West Delhi rape murderd in Gurugram landlord kin arrested

दिल्‍ली कैंट के बाद एक और दलित बच्‍ची से रेप व हत्‍या, घरवालों पर अंतिम संस्‍कार का दबाव डाला

नई दिल्ली. पहले हाथरस (Hathras Gang Rape-Murders Case), फ‍िर दिल्‍ली कैंट (Delhi Cantt Dalit Girl Gang Rape and Murder Case) और अब पश्चिमी दिल्‍ली/गुड़गांव. दलित बेटियों (Dalit Daughters) के साथ नाइंसाफी नहीं रूक रही हैं. दिल्‍ली कैंट का मामला अभी शांत भी नहीं पड़ा था कि पश्चिमी दिल्ली (West Delhi) में रहने वाली एक 13 वर्षीय दलित लड़की (Dalit Girl) के साथ उसके मकान मालिक के एक रिश्तेदार द्वारा गुड़गांव (Gurugram) में कथित रेप एवं हत्‍या करने का मामला सामने आया है. केवल यही नहीं, यहां भी दलित बच्‍ची के गरीब पिता पर लड़की के अंतिम संस्कार का दबाव डाला गया था. यह जानकारी पीड़िता के माता-पिता और पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी से प्राप्त हुई है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी के विरुद्ध गुड़गांव (Gurugram) में आईपीसी की विभिन्‍न धाराओं, POCSO Act और एससी/एसटी एक्‍ट (SC/ST Act) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित खबर के अनुसार, पीड़िता के दिहाड़ी मजदूर पिता ने कहा कि उसने पिछले महीने मकान मालिक के कहने पर अपनी बेटी को आरोपी प्रवीण के गुड़गांव (Gurugram) स्थित घर पर काम करने को भेजा था. मृतका दलित बच्‍ची के पिता के अनुसार, आरोपी ने दावा किया कि लड़की की बीमारी के कारण मृत्यु हुई और उनपर लड़की के अंतिम संस्कार का दबाव भी डाला गया था. पड़ोसियों के हस्तक्षेप करने के बाद उनकी सलाह पर बच्‍ची के पिता ने पुलिस को कॉल की. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी बच्ची के चेहरे और प्राइवेट पार्ट पर गंभीर चोटें होने की बात सामने आई. रिपोर्ट में रेप की भी पुष्टि हुई. पुलिस मामले में मकान मालिक एवं उसकी पत्नी की कथित संलिप्तता की जांच कर रही है.

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अखबार से बात करते हुए पीड़ित के पिता, जो एक दिहाड़ी मजदूर हैं, ने कहा कि पिछले महीने मकान मालिक के कहने पर जो “परिवार की तरह था”, उसने अपनी बेटी को गिरफ्तार आरोपी प्रवीण के साथ गुड़गांव स्थित उसके घर में काम करने की इजाजत दी थी.

पिता की ओर से दर्ज एफआईआर के अनुसार, उसकी मकान मालकिन ने उससे कहा था कि उसके भाई की एक छोटी बेटी है और अगर वह अपनी बेटी को उसके घर भेज देता है तो इस बच्‍ची के साथ खेल सकती है और कुछ समय के लिए परिवार के साथ रह सकती है. इसके बाद मकान मालिकन उसे 17 जुलाई को ले गई थी.

उन्होंने कहा कि 23 अगस्त की दोपहर करीब 3 बजे उन्हें मकान मालिक का फोन आया और उन्‍हें बताया गया कि कि उनकी बेटी की मौत फूड प्वाइजनिंग से हुई है. करीब 4 घंटे के बाद आरोपी प्रवीण, मकान मालिकन और दो अन्य लोग लड़की के शव को एक निजी एम्बुलेंस के जरिये दिल्ली लेकर आ गए.

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प्राथमिकी में कहा गया है कि लड़की के पिता को अपनी बेटी का अंतिम संस्कार करने के लिए कहा गया था. बच्‍ची के पिता ने अखबार से कहा कि ‘उनके पास लकड़ी और पूजा का सामान था और वे उसका दाह संस्कार करने के लिए तैयार थे. हम अनजान थे… हमारे पड़ोसियों ने दाह संस्कार रोक दिया. उन्होंने हमें मेरी बेटी के शरीर की जांच करने के लिए कहा. जब हमने बच्‍ची के शव को देखा तो दंग रह गए. उसके चेहरे और पीठ पर चोट के निशान थे. हमें कतई नहीं पता था कि वे उसे मार डालेंगे. हम डर गए और पुलिस को फोन किया’.

बाबू जगजीवन राम अस्पताल के डॉक्टरों ने भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा है कि लड़की की मौत मैनुअली दम घोंटने के कारण हुई है. रिपोर्ट में योनि और गुदा यौन उत्पीड़न के सकारात्मक सबूत होने की बात भी कही गई है और सभी जख्म मरने से पहले के हैं.

बच्‍ची (Dalit Girl) की मां जो घरों में साफ-सफाई का काम करती हैं, ने कहा कि, “मकान मालिक और उसकी पत्नी ने हमसे झूठ बोला. हमने उनका सम्मान किया और उन्होंने मेरी बेटी को मार डाला. मैं चाहती हूं कि उन्हें भी गिरफ्तार किया जाए. रक्षा बंधन पर मैंने उन्हें फोन किया और मुझे पता देने के लिए विनती की ताकि मैं अपनी बेटी को देख सकूं, लेकिन उन्होंने मना कर दिया. काश, मुझे पता होता कि वे मेरी बेटी के साथ क्या कर रहे हैं”.

मूलरूप से बिहार के रहने वाली मृतक Dalit Girl अपने तीन छोटे भाई-बहनों और माता-पिता के साथ यहां किराए के मकान में रहती थी.

दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, हमने परिवार द्वारा की गई पीसीआर कॉल और पोस्टमॉर्टम के सभी विवरण गुड़गांव पुलिस को भेज दिए. यह पाया गया कि गुड़गांव (Gurugram) में लड़की का यौन उत्पीड़न किया गया और उसके शव को दिल्ली लाया गया.

गुड़गांव के एसीपी (वेस्ट) राजिंदर ने कहा कि, “माता-पिता की शिकायत पर हमने प्रवीण और उसके रिश्तेदारों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है. बच्ची के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए दिल्ली के एक अस्पताल भेज दिया गया. हमें उनसे एक रिपोर्ट मिली, जिसमें कहा गया था कि लड़की का यौन उत्पीड़न किया गया था. हमने अब बलात्कार की धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है. प्रवीण को गिरफ्तार कर लिया गया है.”

शुरुआत में 25 अगस्त को गुड़गांव (Gurugram) में इस बाबत हत्या और आपराधिक साजिश की धाराओं, एससी/एसटी अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी.

Delhi Cantt Dalit Girl rape Murder case Delhi Police files 400 page chargesheet IPC SC ST Act POCSO

Delhi Cantt दलित बच्‍ची से गैंगरेप, हत्‍या केस: क्या कहती है दिल्‍ली पुलिस की चार्जशीट? पढ़ें पूरी जानकारी

नई दिल्‍ली : दिल्ली कैंट (Delhi Cantt) के पुरानी नांगल गांव (Old Nangal Viilage) में 9 साल की दलित बच्‍ची के साथ हुए कथित गैंगरेप, हत्‍या (9 year Old Dalit Girl Gang Rape and Murder Case) और बिना रजामंदी शव को जलाने के मामले में दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने शनिवार को चारों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी. 400 पन्नों की इस चार्जशीट में दिल्‍ली पुलिस ने इन चारों आरोपियों पर IPC की विभिन्न धाराएं, यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) और अनुसूचित जाति और जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC/ST Act) के तहत आरोप लगाए हैं.

31 अगस्‍त को कोर्ट लेगी चार्जशीट पर संज्ञान
यह आरोप पत्र ड्यूटी मजिस्‍ट्रेट मनु श्री के समक्ष दायर की गई, जिस पर संबंधित अदालत में विचार के लिए 31 अगस्त की तारीख तय की गई है. मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वारा की जाएगी.

आरोप पत्र में SIT की रिपोर्ट भी शामिल
इस अंतिम रिपोर्ट में विशेष जांच दल की एक रिपोर्ट भी शामिल की गई है, जिसे अपराध शाखा द्वारा त्वरित और पेशेवर जांच के लिए गठित किया गया था.

दरअसल, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दिल्‍ली पुलिस (Delhi Police) को मामला दर्ज कर 30 दिनों के भीतर त्वरित जांच करने और चार्जशीट दाखिल करने का निर्देश दिया था. दिल्ली छावनी क्षेत्र के पुरानी नांगल गांव में नौ वर्षीय दलित पीड़िता (9 year Old Dalit Girl Rape) के साथ कथित रूप से सामूहिक बलात्कार, हत्या और जबरन अंतिम संस्कार करने के एक दिन बाद 2 अगस्त को मामला दर्ज किया गया था.

क्या कहती है दिल्‍ली पुसिल की चार्जशीट?
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा (Delhi Police Crime Branch) द्वारा दायर 400 पन्नों की रिपोर्ट में श्मशान घाट के पुजारी 55 वर्षीय राधेश्याम और अन्य कर्मचारियों -कुलदीप सिंह, सलीम अहमद और लक्ष्मी नारायण को आरोपी बनाया गया है. चार्जशीट में दावा किया गया है कि उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं.

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चार्जशीट में इन धाराओं के तहत लगाए गए आरोप
आरोपियों पर IPC की धारा 302 (हत्या), 304 (गैर इरादतन हत्या), 376 डी (सामूहिक बलात्कार), 342 (गलत तरीके से बंधक बनाना), 506 (आपराधिक धमकी), 201 (सबूत नष्ट करना) और 34 (एक इरादे से किया गया अपराध) के तहत आरोप लगाए गए हैं.

चारों के खिलाफ पोक्सो एक्ट (POCSO Act) की धारा 6 (एग्रेटेड पेनेट्रेटिव सेक्शुअल असॉल्ट) और एससी/एसटी एक्ट (SC/ST ACT) की धारा 3 (अत्याचार के अपराध) के तहत भी चार्जशीट दाखिल की गई है.

दिल्ली पुलिस की जांच
दिल्ली पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट दाखिल करने से पहले गवाहों की गवाही दर्ज करने के अलावा वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए.

रोहिणी की फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी के साथ-साथ जीव विज्ञान और ओडोन्टोलॉजी पर दिल्ली पुलिस के फोरेंसिक विशेषज्ञों से सहायता ली गई. दिल्ली पुलिस ने कहा कि आरोपियों से पूछताछ के दौरान फोरेंसिक मनोवैज्ञानिक भी साथ रहे. कथित जबरन दाह संस्कार के परिणामस्वरूप पोस्टमार्टम करने में बाधाओं के कारण साक्ष्य एकत्र करने के इन वैकल्पिक तरीकों को नियोजित करना पड़ा. चारों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं.

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