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Dalit Atrocities

Rajasthan Dalit oppression Jaisalmer Dalit Dinesh Kumar Meghwal beat with rod put cloth in mouth

राजस्‍थान में दलित उत्‍पीड़न चरम पर, बकरी चरा रहे युवक को मुंह में कपड़ा ठूंस रॉड से मारा

जैसलमेर. राजस्थान (Rajasthan) में रोजाना दलित उत्‍पीड़न (Dalit Atrocities) के मामले सामने आते हैं, लेकिन अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Govt) एवं राजस्‍थान पुलिस (Rajasthan Police) प्रशासन के कोई सख्‍त कदम ना उठाने से इन घटनाओं में कोई कमी आ रही है. अब जैसलमेर (Jaisalmer) जिले में एक दलित युवक (Dalit youth) की लोहे की रॉड से बुरी तरह पिटाई करने का मामला सामने आया है.

यह घटना सांगड़ थाना क्षेत्र के मेघा गांव की है. हालांकि राजस्‍थान पुलिस (Rajasthan Police) ने केस तो दर्ज कर लिया है, लेकिन आरोपी अभी तक उसकी गिरफ्त से बाहर हैं. इस घटना का शिकार हुए पीड़ित दलित दिनेश कुमार मेघवाल (Dinesh Kumar Meghwal) ने पुलिस को बताया कि ”बीते बुधवार की सुबह करीब 11 बजे वो अपने गांव मेघा के पास बकरियां चरा रहा था. उसी वक्‍त गांव के ही दो युवक विक्रम सिंह व महेंद्र सिंह अचानक गाड़ी में आए. इन लोगों ने मुझे वहां बकरियां चराने से मना किया. इससे पहले की मैं कुछ बोलता उन्होंने मेरे मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और अपनी गाड़ी में डालकर थोड़ी दूर ले गए.”

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दलित उत्‍पीड़न (Dalit Atrocities) के शिकार दिनेश का आरोप है कि ”विक्रम और महेन्द्र सिंह ने उसे लोहे के किसी हथियार से बहुत मारा. वह चिल्‍लाता रहा. पास में मौजूद गांव के ही एक युवक सुरेश ने उसकी चीख सुनी. वह उसे बचाने को आया. सुरेश के आने के बाद ही दोनों युवकों ने मुझे छोड़ा. अगर सुरेश मौके पर नहीं आता, तो शायद मैं बच नहीं पाता. वो मुझे जान से मार देते’.

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दिनेश कुमार मेघवाल (Dinesh Kumar Meghwal) ने बताया कि इस हमले की वजह से मैं पहले बेहोश हो गया था. फ‍िर सुरेश ने मेरे परिजनों को बुलाया और मुझे अस्पताल में भर्ती करवाया गया. हमने सांगड़ थाने में केस दर्ज करवा दिया है.”

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वहीं, दलित उत्‍पीड़न (Dalit Oppression) की इस घटना को लेकर रालोपा के संयोजक व सांसद हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) ने इस मामले में ट्वीट करते हुए जैसलमेर पुलिस को संज्ञान लेकर तुरंत कार्रवाई करने की मांग की. इनके अलावा भीम आर्मी (Bhim Army) के जैसलमेर जिलाध्यक्ष हरीश इणखियां ने भी दिनेश से जवाहर अस्पताल में जाकर मुलाक़ात की.

mission ambedkar compains Singhu border Dalit Lakhbir Singh murder in Case UN Human Rights High Commissioner office

मिशन आंबेडकर सिंघु बॉर्डर पर दलित लखबीर की हत्‍या केस को लेकर UN मानवाधिकार उच्‍चायुक्‍त ऑफिस तक पहुंचा

नई दिल्‍ली : बीते शुक्रवार को सिंघु बॉर्डर (Singhu Border) पर दलित व्‍यक्ति लखबीर सिंह (Dalit Lakhbir Singh) की बर्बरता से हुई हत्या के मामले को संयुक्‍त राष्‍ट्र मानवाधिकार उच्‍चायुक्‍त कार्यालय (OHCHR) के समक्ष उठाया गया है. बता दें कि दलित लखबीर की हत्‍या (Dalit Lakhbir Singh Murdered) कर उसका क्षत-विक्षत शव बैरिकेड पर लटकाए जाने के मामले को लेकर सामाजिक संगठन मिशन आंबेडकर (Mission Ambedkar) ने OHCHR को शिकायती पत्र लिखकर कहा है कि मानवाधिकारों के घोर उल्लंघन और जाति आधारित नृशंस हत्या के इस गंभीर मामले पर तुरंत संज्ञान लिया जाए.

सामाजिक संगठन मिशन आंबेडकर (Mission Ambedkar) के संस्‍थापक सूरज कुमार बौद्ध (Suraj Kumar Bauddh) ने रविवार को संयुक्‍त राष्‍ट्र मानवाधिकार उच्‍चायुक्‍त कार्यालय को यह पत्र लिखकर कहा कि १५ अक्टूबर २०२१ को नई दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर एक ३५ वर्षीय दलित मजदूर की निहंग समूह निर्वेर खालसा-उड़ना दल के लोगों ने कथित तौर पर इसलिए लिंचिंग की गई, क्योंकि उसने सिखों की धार्मिक किताब को छुआ था. उसकी इतनी बेरहमी से हत्या कर दी गई कि न केवल उसका एक हाथ और एक पैर को बेरहमी से कुल्हाड़ी से काट दिया गया, बल्कि आतंक फैलाने के लिए पुलिस के बैरिकेड्स पर सार्वजनिक रूप से उसे लटका दिया गया. इस घटना ने दहशत का माहौल पैदा कर दिया है.

 

उन्‍होंने पत्र में कहा, एक दलित शख्‍स के साथ हुई इस बर्बरता ने पूरे भारत में एससी/एसटी (SC/ST) के विवेक और आत्मविश्वास को हिला दिया है. उन्‍होंने आरोप लगाते हुए कहा क‍ि सर्वोच्च न्यायालय, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग और गृह विभाग जैसे संवैधानिक तंत्र सहित राज्य की पुलिस मशीनरी ने हमेशा की तरह काम नहीं किया. सूरज कुमार बौद्ध ने पत्र में कहा कि इस घटना में कई लोग आपराधिक रूप से शामिल हैं, जिसके परिणामस्वरूप राज्य की कानून और व्यवस्था की मशीनरी विफल हो गई है. जातिवाद के कारण दक्षिण एशिया विशेष रूप से भारत अनुसूचित और अन्य निचली जातियों, समुदायों के लिए अपमान, मौत का बिस्तर और गैस चैंबर बन गया है. पत्र में उनकी तरफ से आगे कहा गया कि भारत में अनुसूचित जातियों और उत्पीड़ित समुदायों के मानवाधिकारों का न केवल घोर हनन हो रहा है, बल्कि उनकी हत्या की जा रही है और उनकी महिलाओं के साथ नियमित रूप से बलात्कार किए जा रहे हैं.

उन्‍होंने सिंघु बॉर्डर की घटना को लेकर कहा कि यह जाति आधारित अत्याचार (Caste Based Atrocities) का मुद्दा है, जिसका एक जातीय मूल है, वंश श्रेष्ठता, हीनता की धारणा और एक नस्लीय पृष्ठभूमि है. लिहाजा, ओएचसीएचआर जो किसी भी प्रकार के भेदभाव को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है, इसलिए संयुक्त राष्ट्र के इस निकाय को तत्काल संज्ञान लेना चाहिए. उन्‍हें मामले की स्थिति का पता लगाने के लिए अपनी टीम को तैनात करना चाहिए, बिना किसी पूर्वाग्रह के प्रभावी तंत्र और उपाय सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार के साथ जुड़ना चाहिए. उनकी ओर से इस केस पर जल्‍द प्राथमिकता के आधार पर गौर करने के अनुरोध के साथ अंतरराष्ट्रीय एकजुटता, तत्काल संज्ञान और स्थिति के समाधान का अनुरोध भी किया गया है.

Amethi Dalit students fed Mid Day Meal in school by sitting in a separate row

अमेठी : ‘दलित बच्‍चों को अलग पंक्ति में बैठाकर स्‍कूल में खिलाते हैं खाना, शिकायत करो तो प्रिसिंपल मारती है’

अमेठी. केंद्रीय मंत्री एवं बीजेपी नेत्री स्‍मृति ईरानी (Smriti Irani) के संसदीय क्षेत्र अमेठी में दलित छात्रों के साथ जातिगत भेदभाव (Caste Discrimination) का मामला सामने आया है. मामला अमेठी (Amethi) ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय वनपुरुवा का है, जहां तैनात प्रधानाध्यापिका पर आरोप है कि वह दलित छात्रों (Dalit Students) के साथ भेदभाव करती हैं.

संग्रामपुर थाने पहुंच एक दलित परिवार (Dalit Family) ने इसकी शिकायत की है. इस शिकायती पत्र में कहा गया है कि स्कूल में पढ़ने वाले दलित बच्चों को दोपहर में विद्यालय में दिए जाने वाले मिड डे मिल के समय अन्य बच्चों से अलग पंक्ति में बैठाया जाता है. केवल यही नहीं, भेदभाव की शिकायत करने पर प्रधानाध्यापिका दलित बच्चों (Dalit Students) की पिटाई भी करती हैं.

रिपोर्ट के अनुसार, संग्रामपुर थाना क्षेत्र के गड़ेरी गांव से दो परिवार ग्राम प्रधान विनय जायसवाल के साथ मंगलवार को थाने पहुंचे. थाने पहुंचे दलित जगनारायण व सोनू का कहना था कि उनके बच्चों के अलावा गांव के कई अन्य दलित परिवारों के बच्चे बनपुरवा में संचालित परिषदीय प्राथमिक स्कूल में पढ़ते हैं. उनका आरोप है कि प्रधानाध्यापक कुसुम सोनी दलित बच्चों के साथ भेदभाव करती हैं. दोपहर के भोजन के वक्‍त दलित बच्चों को सामाजिक व जातीय भेदभाव के तहत अलग पंक्ति में बैठाकर भोजन परोसा जाता है. बच्चों द्वारा इसका विरोध करने या कहीं शिकायत करने पर उनकी पिटाई भी की जाती है.

ग्राम प्रधान का कहना था कि शिकायत पर वो सोमवार को वो विद्यालय गए तो प्रधानाध्यापिका मौजूद नहीं थीं. विद्यालय बंद था और बच्चे घूम रहे थे.

इस बाबत अमेठी के बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार पाठक कहते हैं कि मामला संज्ञान में आने के बाद पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है और बच्चों व उनके अभिभावकों के अलावा प्रधानाध्यापक का बयान लिया गया है. जल्द ही पूरे मामले में यथोचित कार्रवाई की जाएगी.

वहीं, संग्रामपुर थाना प्रभारी अंगद सिंह ने बताया कि वे बाहर हैं. दलित परिवारों के थाने आने की सूचना उन्हें मिली थी. थाने पहुंचकर तहरीर में की गई शिकायत के आधार पर पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी.

 

Dalit woman gang raped in Uttar Pradesh Kaushambi Mohabbatpur Painsa

अब कौशांबी में दलित महिला से गैंगरेप, केस दर्ज न कराने को लेकर पीड़िता को धमकाया

नई दिल्‍ली/लखनऊ : देशभर में दलितों पर उत्‍पीड़न (Dalit Atrocities) के मामले एकाएक तेजी से बढ़ रहे हैं. दलित बच्चियां और महिलाएं तो बिल्‍कुल सुरक्षित नहीं हैं. हाथरस गैंगरेप एवं मर्डर केस (Hathras gang rape and murder Case) के बाद दिल्‍ली कैंट में 9 साल की बच्‍ची से कथित रेप और हत्‍या (Delhi Cantt 9 year old Dalit Girl Gang Rape and Murder Case) एवं गुड़गांव में भी दलित बच्‍ची से रेप और हत्‍या (Gurgaon Dalit Girl Rape and Murder Case) के बाद उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कौशांबी जिले (Kaushambi District) में एक दलित महिला से गैंगरेप (Dalit Woman Gang Raped) का मामला सामने आया है.

यह घटना मोहब्बतपुर पइंसा थाना क्षेत्र की है, जहां 35 साल की दलित विवाहिता के साथ तीन युवकों द्वारा कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया गया है.

हिंदुस्‍तान की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना बीते गुरुवार की है, लेकिन आरोपियों के डर से मामला पांच दिन बाद दर्ज हुआ, जिसके बाद सोमवार की देर शाम मामला दर्ज कर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.

रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार आरोपियों ने महिला को कहीं पर भी शिकायत न करने की धमकी दी थी और ऐसा करने पर जान से मारने की धमकी दी थी. इससे महिला काफी डरी हुई थी और वह घटना के पांच दिन बाद इसकी रिपोर्ट दर्ज करा पाई.

कौशांबी के पुलिस अधीक्षक राधेश्याम विश्वकर्मा ने बताया कि सोमवार को पीड़िता ने तीनों आरोपियों के विरुद्ध तहरीर दी और उनके खिलाफ देर शाम मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया.

(Dalit Woman Gang Raped)