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High speed truck killed 3 childs of Dalit family Azad Samaj Party warned Damoh administration

तेज रफ्तार ट्रक ने बुझा दिए दलित परिवार के तीन चिराग, आजाद समाज पार्टी ने दमोह प्रशासन को दी चेतावनी

नई दिल्‍ली/दमोह: बीते 4 दिन पूर्व मध्‍य प्रदेश (Madhya Pradesh) के बटियागढ़ थाना अंतर्गत ग्राम आंजनी की टपरियो में एक तेज रफ्तार ट्रक ने हंसते-खेलते दलित परिवार (Dalit Family) का जीवन तहस नहस कर दिया. इस तेज रफतार ट्रक की चपेट में आकर हरिराम अहिरवार के 2 पुत्र और एक पुत्री की मृत्‍यु हो गई. साथ ही हरिराम और उनकी पत्नी गंभीर हालत में आज भी दमोह चिकित्सालय में भर्ती हैं. हरिराम अहिरवार के परिवार से मिलने एवं उनकी समस्याओं को सुनने आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) (Azad Samaj Party) के प्रदेश अध्यक्ष कोमल अहिरवार (Komal Ahirwar) अपनी टीम को लेकर मौके पर पहुंचे, जहां मृतकों के परिजनों ने उन्‍हें बताया क‍ि उनके बच्चों की जान बच जाती अगर समय पर एम्बुलेंस आ जाती. दो घंटे बाद एम्बुलेंस आई, जिसमे ऑक्सीजन नहीं थी.

कोमल अहिरवार ने बताया कि मृतक बच्‍चों के परिजनों ने उन्‍हें बताया क‍ि शासकीय चिकित्सालय बटियागढ़ में भी ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं थी, इस लापरवाही ने उनके बच्चों की जान ली है. अगर बटियागढ़ पुलिस और RTO विभाग ने इन ओवरलोड डंफरों पर निगरानी रखी होती एवं रोड ठेकेदार ने ग्राम में स्पीड ब्रेकर बनवाए होते तो मेरे तीनों बच्चों की जान बच जाती है. उन्‍होंने कहा कि इन से भी बड़े हत्यारे ग्राम के सरपंच सचिव हैं, जिन्होंने PM आवास योजना का लाभ सिर्फ इसलिए नही दिया क्योंकि हम गरीबी के कारण 20 हजार रुपए नहीं दे पाए थे. अगर मेरी टपरिया की जगह पक्का मकान होता तो मेरा परिवार की सुरक्षा यह घर कर देता पर ऐसा नहीं हो सका और मेरे परिवार के तीनों चिराग बुझ गए.

प्रदेश अध्यक्ष कोमल अहिरवार (Komal Ahirwar) उनकी व्यथा सुनकर भावुक हो गए एवं मृतकों के परिजनों से वादा किया कि मैं दमोह से लेकर दिल्ली तक भी जाना पड़ा तो भी जाऊंगा पर दोषियों को दंड दिलाकर ही रहूंगा. साथ दमोह प्रशासन को चेतावनी दी कि तीन दिन के अंदर सबसे पहले बटियागढ़ अस्पताल में घटना के समय डयूटी पर उपस्थित समस्त अधिकारी कर्मचारियों को निलंबित किया जाए एवं एम्बुलेंस के कर्मचारियों को निलंबित मुकदमा किया जाए.

उन्‍होंने कहा कि RTO विभाग तत्काल ओवरलोडिड ट्रकों को राज सास किया जाए एवं आंजनी ग्राम में ही नहीं प्रत्येक ग्राम में कम से कम 10 स्पीड ब्रेकर बनवाए जाएं. साथ PM आवास के अंतर्गत मकान बनवाने का कार्य शुरू किया जाए एवं 10-10 लाख रुपये राशि की मदद की जाए अन्यथा तीन दिवस बाद भीम आर्मी, आज़ाद समाज पार्टी ग्राम वासियों के साथ मिलकर पूरे 18 Km की सड़क पर अपने हाथों से सड़क खोदकर स्पीड ब्रेकर बनाएंगे, जिसकी जिम्मेदारी दमोह प्रशासन की होगी.

मध्यप्रदेश आजाद समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के साथ मुख्य रूप से आजाद समाज पार्टी कांशीराम के संभाग उपाध्यक्ष विजय चौधरी, संभाग महासचिव वीरेश सेन, संभाग महासचिव अनुराग चौधरी, संभाग सचिव संदीप, जिला प्रभारी इमरान खान, पूर्व नगर अध्यक्ष यशवंत एवं पथरिया विधान सभा प्रभारी जान मोहम्मद खान एवं विधानसभा सचिव हाकम सिंह के साथ ग्रामवासी उपस्थित थे.

Manyavar Kanshi Ram 5 paise motivational story

भूखे-प्‍यासे और साइकिल भी पंचर… मान्‍यवर कांशीराम का 5 पैसे वाला ‘प्रेरक किस्‍सा’

दलित आवाज़ यह प्रेरक प्रसंग मान्‍यवर कांशीराम (Manyavar Kanshi Ram) के संघर्ष के उन दिनों को याद करते हुए बता रहा है, जब वह साइकिल पर पूरे देश में अपने मिशन को अंजाम देने में जुटे हुए थे. उन्‍होंने भूखे-प्‍यासे रहकर बहुजन मिशन को आगे बढ़ाया. इन्‍हीं में से एक किस्‍सा है 5 पैसे का. इस किस्‍से को पढ़कर मान्‍यवर के बहुजन समाज के लिए किए महान संघर्ष पर गर्व होगा. आइये पढ़ें इसे…

…साल 1972 में हमने पूना में अपना छोटा सा कार्यालय खोला. शायद बहुजन समाज मूमेंट का वो पहला कार्यालय था. मैं उस समय रेलवे में नौकरी करता था. नौकरी के लिए मुझे रोज पूना से मुंबई जाना पड़ता था.

साहब जी मेरे साथ मुंबई आना जाना करते थे. उस वक्त रेल के डिब्बे में ही हम योजनाएँ बनाते थे. कांशीराम साहब जी (Kanshi Ram) के पास पूना से मुंबई का रेलवे पास था. हम अपनी साइकलों पर पूना स्टेशन जाते थे और फिर मुँबई से आकर साइकल से कार्यलय पहुचते थे. हम स्टेशन के पास वंदना होटल पर खाना खाते थे.

आज भी में उस दिन को याद करता हूँ जब मैं और कांशीराम साहब (Manyavar Kanshi Ram) मुंबई से पूना आये और साइकल उठाकर चल पड़े.

उस दिन मेरे पास तो पैसे नही थे इसीलिए मैंने सोचा साहब जी खाना खिला देंगे मगर साहब भी नहीं बोले. मैंने सोचा की आज साहब का दूसरे होटल में खाना खाने का मूड है. वो होटल भी आ गया हम दोनों ने एक दूसरे की तरफ देखा और आगे चल पड़े क्योंकि पैसे किसी के पास नही थे.

हम दोनों रात को पानी पीकर सो गये. अगले दिन मेरी छुट्टी थी मगर साहब को मीटिंग के लिए जाना था. साहब सुबह उठे और नहा धो कर अटेची उठाकर निकलने लगे. थोड़ी देर बाद वापिस आये और बोले यार मनोहर कुछ पैसे है क्या तुम्हारे पास? मैंने कहा नहीं है साहब . तो साहब ने कहा देख कुछ तो होंगे ? मैंने कहा कुछ भी नहीं है साहब .

“यार 5 पैसे तो होंगे “मैंने भी बैग में ढूंढ़ा मगर नहीं मिले. मैंने पूछा क्या काम था साहब ? यार साइकल पंक्चर हो गयी है और ट्रेन का भी समय हो गया है . मैंने कहा तो क्या हुआ साहब आप मेरी साइकल ले जाओ …! साहब ने कहा अरे भाई तेरे वाली भी खराब है. 5 पैसे ना होने के कारण साहब पैदल ही दौड़ गये ..

और पहली बार जब मैंने कांशीराम साहब को हेलिकोप्टर से उतरते देखा तो आँखों से आसूं निकल गये और मेरे मुँह से निकला “वाह साहब जी वाह…!”

 

(साभार: velivada.com)

karnataka dalit man forced to spend rs 11000 after entering temple

कर्नाटक : मंदिर में प्रवेश किया तो दलित व्यक्ति को 11 हजार रुपये खर्च कर दावत देने को किया मजबूर

कोप्पल: कर्नाटक के कराटागी के एक गांव में लक्ष्मी देवी मंदिर में प्रवेश करने पर एक दलित (Dalit) व्यक्ति को 11,000 रुपये खर्च कर दावत देने के लिए मजबूर किया गया. घटना करीब 12 दिन पहले की है. यह घटना ऐसे वक्‍त पर सामने आई है, जब कोप्पल जिले के मियापुर गांव में हनुमान मंदिर में दो वर्षीय बच्चे के प्रवेश करने के बाद मंदिर के ‘‘शुद्धिकरण” के लिए एक दलित परिवार (Dalit Family) से दंड स्वरूप 25,000 रुपये मांगे जाने का मामला चर्चा में है.

पुलिस अधीक्षक टी श्रीधर ने कहा, ‘‘ जी हां, यह सच है कि एक व्यक्ति को मंदिर में प्रवेश करने पर 11 हजार रुपये की दावत देने को मजबूर किया गया. हमारे अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं.

श्रीधर के अनुसार, मामला शुक्रवार को सामने आया. पुजारी के नेतृत्व में मंदिर प्रबंधन ने उस व्यक्ति को दावत देने के लिए मजबूर किया. श्रीधर ने बताया कि कुछ महीने पहले गांव में चोरी की एक घटना हुई थी और उसके बाद यह तय किया गया था कि पुजारी के अलावा कोई भी मंदिर में प्रवेश नहीं करेगा.

दलित व्यक्ति ने मंदिर में प्रवेश किया क्योंकि उसने कुछ अनुष्ठान करने का संकल्प किया था. गांव के बुजुर्गों द्वारा लिए गए सामूहिक निर्णय की अनदेखी कर 14 सितंबर को वह मंदिर में गया. पुलिस सूत्रों ने बताया कि मामले में आठ लोगों को हिरासत में लिया गया है.

Noida Police arrested Two goons who attacked Dalit youth in Kasna

Kasna : दलित युवक पर जानलेवा हमला करने वाले दो दबंग पकड़े गए

नोएडा : उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के गौतबमबुद्ध नगर (Gautam Buddha Nagar) जनपद के कासना (Kasna) में दूध की डेयरी चलाने वाले एक दलित (Dalit) व्यक्ति पर गोली चलाने के मामले में पुलिस ने दो दबंगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने इसकी जानकारी दी. पुलिस ने बताया कि उनके पास से पुलिस ने घटना में इस्तेमाल हथियार भी बरामद किया है.

कासना (Kasna) के थानाध्यक्ष सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि तीन दिन पहले कस्बा कासना में रहने वाले पवन नामक डेयरी संचालक पर प्रवीण नागर तथा पंकज नागर नामक दो लोगों ने जान से मारने की नियत से गोली चलाई थी.

उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के बीच पैसे के लेनदेन का विवाद था.