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युवराज सिंह ने युजवेंद्र चहल को कहा ‘भंगी’, बोले- ‘इन लोगों को कोई काम नहीं है’

टीम इंडिया (Indian Cricket Team) के पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह (Yuvraj Singh) जातिसूचक शब्‍दों (Casteist Remarks) का इस्‍तेमाल कर नए विवाद में फंस गए हैं. युवराज सिंह द्वारा गेंदबाज युजवेंद्र चहल को भंगी कह दिए जाने के बाद उन्‍हें नाराजगी का सामना करना पड़ा है. लोगों की नाराजगी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म ट्विटर (Twitter) पर बकायदा #युवराज_सिंह_माफी_मांगो टॉप ट्रेंड में रहा.

दरअसल, युवराज सिंह भारतीय टीम के सलामी बल्‍लेबाज रोहित शर्मा (Rohit Sharma) के साथ लाइव वेब चैट कर रहे थे तभी उन्होंने इस जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल किया.

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इंस्टाग्राम पर लाइव चैट में युवराज और रोहित बात कर रहे थे. इस दौरान युवराज ने कहा कि कुलदीप भी ऑनलाइन आ गया. उधर से रोहित शर्मा बोलते हैं कि कुलदीप ऑनलाइन है, ये सब ऑनलाइन हैं, ये सब ऐसे ही बैठे हुए हैं… इतने में युवराज सिंह बोलते हैं कि ये भंगी लोगों को कोई काम नहीं है यूज़ी को. यूज़ी को देखा क्‍या फोटो डाला है अपनी फैमिली के साथ. मैंने उसको यही बोला कि अपने बाप को नचा रहा है, तू पागल तो नहीं है @#$%… यह सुनकर युवराज सिंह हंस देते हैं.

इस तरह इस चैट में युवराज द्वारा युजवेंद्र को भंगी कहे जाने के बाद सोमवार रात से सोशल मीडिया पर युवराज सिंह से माफी मांगने को कहा जा रहा है. टि्वटर पर #युवराज_सिंह_माफी_मांगो ट्रेंड पर लोग तरह तरह के कमेंट कर उनसे माफी मांगने और अपनी नाराजगी भरी प्रतिक्रिया जाहिर कर रहे हैं.

सत्‍यप्रकाश नामक एक यूज़र ने वह वीडियो शेयर करते हुए लिखा, सच में युवी सर. आपको नहीं लगता कि युजवेंद्र चहल भी भारतीय क्रिकेट टीम के एक जिम्मेदार खिलाड़ी हैं. आपको उन्‍हें ऐसा कहने का अधिकार नहीं है. आपको माफी मांगनी होगी.

 

एक यूज़र ने युवराज को टैग करते हुए लिखा, लोग आपको प्यार और सम्मान देते हैं. उनकी सराहना करें, वरना आपके द्वारा कमाया गया नाम मिट्टी में मिलने में समय नहीं लगेगा. ऊपर वाला भगवान यह सब देखता है.

 

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एक यूज़र अभिषेक ने लिखा, @ YUVSTRONG12 द्वारा जातिवादी टिप्पणी देखने के बाद मुझे बहुत बुरा लग रहा है. उसे अपनी गलती के लिए माफी मांगनी चाहिए. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह कौन है. कानून सभी के लिए समान होना चाहिए. धर्म, जाति, पंथ, रंग, जाति, भाषा के आधार पर भेदभाव निषिद्ध है.