Dalit Marriage

Gujarat OBC youth attacked with sticks for playing DJ at Dalit girl wedding

गुजरात में OBC युवकों ने दलित युवती की शादी में डीजे बजाने पर लाठी से हमला किया

अहमदाबाद: (Dalit Atrocities) गुजरात (Gujarat) के अहमदाबाद जिले (Ahmedabad District) में डीजे (DJ) बजाने के मुद्दे पर एक दलित की शादी (Dalit Marriage) के जुलूस यानि बारात पर ओबीसी (OBC) युवकोंं द्वारा हमला करने के आरोप में पुलिस ने बृहस्पतिवार को छह लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज किया.

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देतरोज पुलिस थाने (Detroj Police Station) के उप निरीक्षक एच. आर. पटेल ने कहा कि अहमदाबाद के देतरोज तालुका के डांगरवा गांव (Dangarva Village of Detroj Taluka) में दलित (Dalit) शख्‍स जगदीश परमार ने अपनी बेटी की शादी के मौके पर बृहस्पतिवार को एक जुलूस का आयोजन किया था.

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पटेल ने कहा, “गांव में जब जुलूस एक स्थान पर पहुंचा तब ठाकोर (OBC) समुदाय के कुछ युवकों ने उस क्षेत्र में डीजे नहीं बजाने को कहा. इनकार किये जाने पर छह लोगों ने जुलूस में शामिल लोगों पर लाठी से हमला किया. इस हमले में वधू के पिता घायल हो गए.”

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अधिकारी ने कहा कि घटना के संबंध में छह लोगों के विरुद्ध एक मामला दर्ज किया गया है और अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है.

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Rajasthan Strict action will be taken against those who disturb Dalit marriages

दलित दूल्‍हों को घोड़ी चढ़ने से रोकने, बारातियों से मारपीट-पथराव करने वाले असामाजिक तत्‍व अब नपेंगे

जयपुर : राजस्थान पुलिस (Rajasthan Police) दलित वर्ग (Dalits) के लोगों की शादियों (Dalits Marriages) में रुकावट पैदा करने वाले असामाजिक तत्वों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई करेगी.

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक डॉ रवि प्रकाश ने इस संबंध में दिशा निर्देश जारी किये हैं. इसमें कहा गया है कि दलित वर्ग के लोगों के विवाह समारोह में दूल्हे को घोड़ी पर नहीं बैठने देने, बारातियों से मारपीट करने तथा बैंड नहीं बजाने देने इत्यादि कार्य (अस्पृश्यता) (Untouchability) संविधान के अनुच्छेद 17 (Article 17 of the Constitution) का उल्लंघन है एवं गैर कानूनी है. ऐसे कृत्यों को रोकना पुलिस एवं प्रशासन का उत्तरदायित्व है.

एक बयान के अनुसार पुलिस अधिकारियों से कहा गया है कि वे इस प्रकार की घटनाओं को रोकने तथा ऐसी घटना के पश्चात कानूनी कार्रवाई करने के लिए विशेष सतर्कता बरतें.

समस्त थाना अधिकारियों को उनके थाना क्षेत्रों में ऐसे स्थानों को चिह्नित कर कार्रवाई का निर्देश दिया गया है, जहां पर दलित वर्ग एवं अन्य वर्गों में किसी प्रकार का तनाव या विवाद चल रहा है या वहां पर पूर्व में इस प्रकार की घटनाएं हुई हों.

उल्लेखनीय है कि राज्य में दलित वर्ग के लोगों की बारात (Dalits Marriages) पर पथराव सहित कुछ घटनाएं लगातार सामने आती हैं.

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महोबा. आजादी के कई दशक बीत जाने के बावजूद एक दलित को घोड़ी पर बारात (Dalit Barat on horse) निकालने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों से मदद मांगनी पड़ रही है. कभी राजस्थान, कभी पंजाब तो कभी उत्तर प्रदेश से ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं. ताजा मामला महाराष्ट्र (Maharashtra) के महोबा जिले का है.

जिले में एक दलित युवक ने अपनी शादी से पहले की रस्म के लिए अपने घर से पास के मंदिर में घोड़े की सवारी करने के लिए पुलिस सुरक्षा (Dalit Man demand Police Protection for Marriage) मांगी है. दलित युवक में मन में खौफ है कि कहीं उसके साथ पुरानी कहानी दोहराई न जाए इसलिए उसने पुलिस अधिकारियों से सुरक्षा की मांग की है.

पुलिस थाने में लिखित में दी शिकायत
रिपोर्ट के मुताबिक, अलखराम अहिरवार ने महोबा में महोबकांत पुलिस को एक आवेदन दिया है, जिसमें उनसे 18 जून की शादी से पहले मंदिर में होने वाली रस्म के लिए सुरक्षा मुहैया कराने को कहा गया है. स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) महोबकांत, सुनील तिवारी ने संवाददाताओं को बताया कि दूल्हे ने लिखित में दिया था कि वह पुलिस सुरक्षा चाहता है क्योंकि वह विवाह पूर्व समारोह में घोड़े की सवारी करना चाहता है.

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अलखराम की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे
दलित युवक अलखराम से इस तरह की इच्छा की लिखित जानकारी मिलने के बाद एसएचओ ने कहा, हमने अनुमति दी है ताकि अलखराम अपनी इच्छा पूरी कर सके. स्थिति सामान्य है और किसी भी तरह की गड़बड़ी की कोई संभावना नहीं है. हम आवेदक को सुरक्षा भी प्रदान करेंगे और उम्मीद करते हैं कि शादी से पहले की रस्में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होंगी.’

ऐसा पहली बार होगा जब गांव में कोई दलित युवक घोड़ी पर अपनी बारात निकालेगा.

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हालांकि इस घटना के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर एक बार फिर बहस तेज हो गई है कि आखिरकार कब दलित को घोड़ी पर बारात निकालने का अधिकार मिलेगा?

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