मुस्लिम

UP Jaunpur Muslim burn Dalit Houses

यूपी: झगड़े के बाद मुस्लिमों ने जलाए दलितों के घर, योगी के आदेश- आरोपियों पर रासुका लगाओ

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के जौनपुर (Jaunpur) में मुस्लिम (Muslim) और दलित (Dalit) समुदाय के बीच हुए टकराव के बाद हिंसक भीड़ ने 10 दलित परिवारों के घर जला दिए. इस घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव का माहौल है. एहतियातन इलाके में भारी सुरक्षा बल की तैनाती की गई है.

जनसत्‍ता के अनुसार, यह घटना मंगलवार देर रात जौनपुर के बथेटी गांव में घटी. न्‍यूज़ रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटना के बाद सराय ख्वाजा स्टेशन से हटाए गए अफसर संजीव मिश्रा ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि मंगलवार शाम को कुछ दलित और मुस्लिम लड़के भैंसें और बकरियां चरा रहे थे. इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच कुछ कहासुनी हो गई.

इस मामले को लेकर पहले गांव के सरपंच ने हस्तक्षेप किया, लेकिन बात बनी नहीं और मामला बढ़ गया. इसके बाद मुस्लिम समुदाय के लड़के दलित बस्ती में घुस आए. इस दौरान एक युवक ने मुस्लिम युवक को थप्पड़ मार दिया.

इसके बाद दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी हो गई. रिपेार्ट में कहा गया है कि लोगों ने कथित तौर पर हथियारों का भी इस्तेमाल भी किया. मुस्लिम पक्ष के लोगों ने दलितों के घरों में आग लगा दी.

दलित परिवारों की तरफ से पुलिस को दी गई शिकायत में कहा गया है कि मुस्लिम लड़कों ने द्वारा जातिसूचक अपशब्द कहे जाने के बाद दोनों पक्षों की लड़ाई हुई.

आरक्षण (Reservation) मौलिक अधिकार नहीं, यह आज का कानून है- सुप्रीम कोर्ट

एक शिकायकर्ता का कहना है कि जब मुस्लिम लड़कों को रोका गया, तो उन्होंने मेरे भाई को मारना शुरू कर दिया. जब हमारे घर के सदस्य इस मारपीट के बारे में आरोपियों से बात करने उनकी घर गए, तो उन्हें भी अपशब्द कहे गए.

रिपोर्ट के अनुसार, शाम 6 बजे के आसपास मुस्लिम समुदाय के 57 जाने-पहचाने और 20-25 अपरिचित लोग हथियार और डंडों के साथ बस्ती में आए. उन्‍हें जान से मारने की धमकी दी गई.

डर के मारे बस्ती की महिलाओं को अपने घरों को छोड़कर पास के गांवों में जाना पड़ा. मुस्लिमों ने 10 घरों में आग तक लगा दी.

पुलिस ने इस मामलें में आरोपियों पर दंगा भड़काने, हत्या की साजिश और शांति भंग करने के केस दर्ज किए हैं.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके खिलाफ रासुका और गैंगस्टर एक्ट तक लगाने के लिए कहा है.

मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि पीड़ित परिवारों को सीएम आवास योजना के तहत 1 लाख रुपए की मदद दी जाए. इसके लिए सीएम ने 10 लाख 26 हजार रुपए की राहत राशि भी मदद के लिए दी है.”

इस मामले में दलित समुदाय की तरफ से शिकायत के बाद 57 लोगों पर एफआईआर दर्ज हुई है. इनमें 37 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया है.

गांव में तनाव के माहौल को देखते हुए अतिरिक्त पुलिसबल तैनात किया है. प्रशासन ने भी स्थितियों पर नियंत्रण न कर पाने के लिए जौनपुर के सराय ख्वाजा पुलिस स्टेशन के एसएचओ को हटाकर पुलिस लाइंस से अटैच कर दिया है.

ये भी पढ़ें…

लॉकडाउन के बीच गरमा रहा आरक्षण मुद्दा, इस राज्‍य में सभी दलित MLA हुए एकजुट, पढ़ें…

कोरोना संकट के बीच आरक्षण से छेड़छाड़ की हो रही कोशिश, इस मंत्री ने जताया अंदेशा

(Dalit Awaaz.com के फेसबुक पेज को Like करें और Twitter पर फॉलो जरूर करें…)

 

Muslim woman last rites Hindu rituals

लॉकडाउन में एक दलित मुस्लिम महिला का हिंदू रीति रिवाज से हुआ अंतिम संस्‍कार, जानें क्‍यों?

हरियाणा (Haryana) के हिसार (Hisar) जिले के एक गांव से लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान अनोखा वाकया सामने आया है. इसमें एक 80 वर्षीय मुस्लिम महिला फुली देवी के परिवार के सदस्यों ने शुक्रवार को यहां बिठमारा गांव में हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार उनका अंतिम संस्कार किया.

सुनने में यह थोड़ा अजीब ज़रूर लगे, लेकिन यह हकीकत है. दरअसल, फुली देवी के विधिवत अंतिम संस्‍कार के बाद उनके रिश्तेदार माजिद खान ने कहा कि वे अनुसूचित जाति समुदाय (Scheduled Caste community) से हैं और उनके पूर्वजों ने मुगल शासन (Mughal rule) के दौरान इस्लाम में धर्मांतरण किया था. वे पहले हिंदू थे.

HT की रिपोर्ट के अनुसार, माजिद कहते हैं, ‘न तो हम पर कोई दबाव था और न ही गांव में कोई तनाव. जब हमने फुली देवी का अंतिम संस्कार करने का फैसला किया, तो हमें ग्रामीणों का पूरा समर्थन मिला’.

पढ़ें- दक्षिण भारत में किस हद तक फैला है जातिवाद, इस घटना से पता चलता है…

मृतक के बेटे सतबीर सिंह ने कहा कि पहले उनका परिवार दफन नियमों का पालन करता था. वह बताते हैं कि हम गांव में हिंदू परिवारों के साथ रहे हैं और उनके साथ भाईचारा और शांति बनाए रखी है. हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार मेरी मां का अंतिम संस्कार करना हमारा फैसला था. हमें दूसरों से भी समर्थन मिला.

सिंह ने कहा कि किसी भी समुदाय के किसी व्यक्ति ने हमें ऐसा करने की धमकी नहीं दी और यह कदम बिना किसी बाहरी दबाव के उठाया गया.

पढ़ें- डॉ. आंबेडकर की मूर्ति पर डाली जूतों की माला, चेहरे पर बांधा अपमानजनक टिप्‍पणियों वाला पोस्‍टर

इस पर हिसार की डिप्टी कमिश्नर प्रियंका सोनी ने कहा कि, “फूली देवी का अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार किया गया. परिवार पर कोई दबाव नहीं था और सदस्य हिंदू धर्म में परिवर्तित नहीं हुए थे. गांव में पूरा सामंजस्य है.”

ये खबरें भी पढ़ें…

राजस्‍थान के नागौर में दलित महिला से एक साल से हो रहा था गैंगरेप, क्‍योंकि…

रायबरेली: दलित की गाय चरने खेत में घुसी, दंबगों ने दलित को इतना पीटा की हुई मौत, पुलिस की लापरवाही

सिद्धार्थनगर: प्रधान के बेटे-दबंगों ने दलित युवक को पीटा, सिर मुंडवाया, गांव में घुमाया, पुलिसवाले देखते रहे

दलित बस्‍ती को 2 महीने से नहीं मिल रहा पानी, सरपंच के पति ने कुएं से पानी भरने से भी मना किया