Ambedkar Thoughts: डॉ. आंबेडकर ने कहा था…मैं ऐसे धर्म को मानता हूं, जो भाईचारा सिखाए

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(Ambedkar thoughts). भारतीय संविधान के रचयिता बाबा साहब डॉ.  बीआर आंबेडकर (Dr. Bhim rao Ambedkar) की दूरदर्शिता के चलते ही उन्होंने देश के लिए एक ऐसा संविधान तैयार किया जो देश में रहने वाले सभी जाति और धर्म के लोगों की रक्षा करे और उन्हें समानता का अधिकार मिल सके. यह उनकी दूरदर्शिता ही थी कि वो अपने द्वारा लिए गए फैसले और उससे होने वाले परिणामों के बारे में पहले से ही जानते थे.

बाबा साहेब आंबेडकर (Baba Saheb Ambedkar) के विचार महान थे. उनके महान (Ambedkar thoughts) विचारों में जीवन जीने की कला छुपी हुई है, जिससे हम सभी प्रेरणा ले सकते हैं.

– कानून और व्यवस्था राजनीतिक शरीर की दवा है और जब राजनीतिक शरीर बीमार पड़े तो दवा जरूर दी जानी चाहिए.

– एक महान आदमी एक प्रतिष्ठित आदमी से इस तरह से अलग होता है कि वह समाज का नौकर बनने को तैयार रहता है.

– हर व्यक्ति जो मिल के सिद्धांत कि ‘एक देश दूसरे देश पर शासन नहीं कर सकता’ को दोहराता है उसे ये भी स्वीकार करना चाहिए कि एक वर्ग दूसरे वर्ग पर शासन नहीं कर सकता.

– इतिहास बताता है कि जहां नैतिकता और अर्थशास्त्र के बीच संघर्ष होता है, वहां जीत हमेशा अर्थशास्त्र की होती है. निहित स्वार्थों को तब तक स्वेच्छा से नहीं छोड़ा गया है, जब तक कि मजबूर करने के लिए पर्याप्त बल न लगाया गया हो.

– मैं ऐसे धर्म को मानता हूं, जो स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा सिखाए.

एक नजर में….

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