दलित महिला ने 7 दिन बाद सुनाई हैवानियत की कहानी, कहा- ‘आंख खुली तो शरीर पर नहीं थे कपड़े और…’

नई दिल्ली. मध्य प्रदेश के छतरपुर में दलित महिला के साथ हुई हैवानियत की कहानी आत्मा को झंकझोंर देने वाली है. घटना को 7 दिन बीत जाने के बावजूद अब न तो महिला की इलाज की व्यवस्था की गई है और न ही आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. शरीर पर लगी हुई गंभीर चोटें अभी तक भर नहीं पाए. खड़े होने के लिए भी महिला को दीवार और इंसान का सहारा लेना पड़ रहा है. परिवार डरा हुआ और अब इस गांव से पलायन करना चाहता है.

अब महिला ने अपने साथ हुई दरिंदगी की कहानी खुद सुनाई है. एनबीटी के साथ बातचीत करते हुए महिला ने कहा, जब मुझको होश आया तो मेरे शरीर पर कपड़े नहीं थे, हैवानों ने मेरे बच्चों के सामने रेप किया.

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पीड़ित महिला का आरोप है कि जब दबंगों ने उसके साथ मारपीट की, तब वह बेहोश हो गई. होश में आई तो उसके शरीर पर कपड़े भी नहीं थे. उसकी सास ने बताया कि दबंग 4 दिनों तक लगातार उनके साथ मारपीट करते रहे. महिलाओं ने बताया कि उन्हें अब भी धमकियां मिल रही हैं. समझौते के लिए भी उन पर दबाव बनाया जा रहा है.

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आरोपियों पर नहीं जोड़ी गई दुष्कर्म की धाराएं
घटना 25 मई को पहली बार सामने आई थी. पुलिस को मीडिया ने जानकारी दी थी, तब उसने पीड़ित परिवार को बंधक से छुड़ाया था. आरोपियों के खिलाफ जो मामला दर्ज किया गया, उसमें दुष्कर्म की धाराएं ही नहीं जोड़ी गईं.