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Jai Bhim Mukhyamantri Pratibha Vikas Yojna Kejriwal Government to start new session classes from next week

Jai Bhim Mukhyamantri Pratibha Vikas Yojana: केजरीवाल सरकार नए सेशन के बच्चों के लिए अगले सप्ताह से शुरू करेगी क्लासेस

नई दिल्‍ली : केजरीवाल सरकार (Arvind Kejriwal Government) जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना (Jai Bhim Mukhyamantri Pratibha Vikas Yojana) के तहत नए सेशन के बच्चों के लिए अगले सप्ताह से कोचिंग क्लासेस शुरु करेगी. इसको लेकर समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा योजना (Jai Bhim Mukhyamantri Pratibha Vikas Yojana for SC ST BC students) के वरिष्ठ अधिकारियों और कोचिंग संचालकों के साथ समीक्षा बैठक की. समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने 2022-23 सेशन के क्लासेस के तैयारियों का जायजा लिया. समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि हम इस साल दसवीं और बारहवीं पास करने वाले बच्चों के लिए अगले एक सप्ताह में क्लासेस शुरू कर देंगे. ताकि उनका कोर्स समय से पूरा हो सकें. इसके लिए सभी कोचिंग संचालकों को दिशा निर्देश जारी कर दी जाएगी. दिल्ली के गरीब परिवार के सभी बच्चे आईआईटी, मेडिकल और यूपीएससी जैसे कम्पेटिटिव एग्जाम में टॉप करें. इसके लिए दिल्ली सरकार शिक्षा क्षेत्र को विश्वस्तरीय बना रही है. डॉ भीमराव आंबेडकर (Dr. BR Ambedkar) के सपना गरीब बच्चें को भी अच्छी शिक्षा मिले इसको पूरा करना माननीय मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का विजन है.

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बैठक के दौरान समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम (Delhi Social Welfare Minister Rajendra Pal Gautam) ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और कोचिंग संचालकों से 2022-23 का नए सेशन शुरू करने के लिए किए जा रहे कार्यों को जानकारी ली. साथ ही बच्चों को दी जाने वाली सुविधाओं को बढ़ाने का भी दिशा निर्देश दिया. समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम इस साल जेईई और अन्य कम्पटेटिव एग्जाम में शामिल होने वाले बच्चों के बारे में भी जानकारी ली. उन्होंने कहा कि इस योजना के लाभार्थी छात्र पीछे नहीं छूटना चाहिए, उनकी क्लासेस समय पर शुरू हो जानी चाहिए. इस दौरान विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और कोचिंग संचालकों ने योजना को विकसित करने के लिए अलग-अलग सुक्षाव भी दिए.

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उल्लेखनीय है कि जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना (Jai Bhim Mukhyamantri Pratibha Vikas Yojana) के अतंर्गत दिल्ली सरकार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जन जाति वर्ग और गरीब परिवार के प्रतिभाशाली छात्रों को फ्री में कोचिंग (Delhi government free coaching to talented students of scheduled caste, scheduled tribe and poor families) मुहैया कराती है. जिसमें दिल्ली के रहने वाले बच्चे जो यहीं से दसवीं और बारहवीं अच्छे नंबरों से पास किए हैं, उनके लिए जेईई, मेडिकल, आईएएस, आईपीएस, आईआरएस और एनडीए जैसे अन्य कम्पेटिटिव एग्जाम के लिए फ्री में कोचिंग (Free Coaching for JEE, Medical, IAS, IPS, IRS and NDA Competitive Exams) सुविधा प्रदान करती है. इसके लिए दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में करीब 46 कोचिंग संस्थान (Jai Bhim Mukhyamantri Pratibha Vikas Yojana Coaching Centres Locations) हैं जहां प्रतिभाशाली छात्रों के लिए क्लासेस कराई जाती है.

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समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि इस साल जेईई और अन्य कम्पटेटिव एग्जाम में उत्तीर्ण होने वाले बच्चों के लिए एक कार्यक्रम आयोजित करके सम्मानित भी किया जाएगा. हम इस साल दसवीं और बारहवीं पास करने वाले बच्चों के लिए अगले एक सप्ताह में क्लासेस शुरू कर देंगे. ताकि उनका कोर्स समय से पूरा हो सकें. इसके लिए सभी कोचिंग संचालकों को दिशा निर्देश जारी कर दी जाएगी. दिल्ली के गरीब परिवार के सभी बच्चे आईआईटी, मेडिकल और यूपीएससी जैसे कम्पेटिटिव एग्जाम में टॉप करें. इसके लिए दिल्ली सरकार शिक्षा क्षेत्र को विश्वस्तरीय बना रही है. डॉ भीमराव आंबेडकर (Dr. Bhimrao Ambedkar) के सपना को पूरा करना माननीय मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का विजन है.

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Why Scheduled caste Students drop out after reaching college level When Dr BR Ambedkar expressed concern

SC छात्र कालेज स्तर तक पहुंचकर क्यों पढ़ाई छोड़ देते हैं? जब डॉ. आंबेडकर ने जताई थी चिंता

Dr. BR Ambedkar on Scheduled caste Students Education : अनुसूचित जातियों के छात्र (Scheduled caste Students) कालेज स्तर तक पहुंचकर क्यों पढ़ाई छोड़ देते हैं इसके कुछ कारण हैं. पहला और मुख्य कारण उनकी गरीबी (Poverty) है, दूसरा कारण कालेज-प्रवेश में कठिनाई, तीसरा कारण शुल्कमुक्ति का न होना और चौथा कारण छात्रावास में रिहायश का अभाव. इनमें से कुछ कठिनाइयां सरकार से वित्‍तीय सहायता द्वारा दूर हो सकती हैं. लेकिन इनमें से एक कठिनाई वित्‍तीय सहायता से दूर नहीं हो सकती, वह कालेज में प्रवेश से संबंधित है.

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कालेजों में प्रवेश की संख्या विश्वविद्यालय या सरकार द्वारा नियत की हुई है. केवल कुछ संख्या में लड़के प्रवेश पा सकते हैं. इससे कालेज शिक्षा पाने के इच्छुक अनुसूचित जातियों के छात्रों (Scheduled caste Students) को बड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ता है. यह सामान्य कठिनाई जान पड़ती है. लेकिन यह अन्य समुदायों के छात्रों की अपेक्षा अनुसूचित जातियों के छात्रों को बुरी तरह प्रभावित करती है.

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यह इस कारण से है क्योंकि कालेज शिक्षा निजी हाथों में है और अधिकांश कालेज उन निजी निकायों द्वारा चलाए जाते हैं जो अपने संगठन और स्टाफ के मामले में सांप्रदायिक हैं. कालेजों का दृष्टिकोण अधिकांशतः सांप्रदायिक है. इस सांप्रदायिक दृष्टिकोण का प्रभाव प्रवेश देने पर पड़ता है. इस का परिणाम यह होता है कि विशेष समुदायों या उच्च समुदायों के छात्रों को प्रवेश में वरीयता दी जाती है और अनुसूचित जातियों के छात्रों को इस आधार पर प्रवेश मना कर दिया जाता है कि प्रवेश संख्या पूरी हो गई है या उन पर तब विचार किया जाता है जब कुछ रिक्तियां रह जाती हैं. बड़े शहरों में, जहां ज्यादातर कालेज स्थित हैं, जनसंख्या के आगमन से यह स्थिति भयानक रूप से बिगड़ गई है. कालेजों में प्रवेश के इच्छुक उन छात्रों की विशाल रुप से कालेज में प्रवेश का मामला पहले से अधिक मुश्किल हो गया है.

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स्‍त्रोत : बाबा साहेब डॉ. आंबेडकर संपूर्ण वाड्मय, खंड 36

Dalit girl students will get free NEET exam coaching at Delhi govt expense

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नई द‍िल्‍ली. द‍िल्‍ली सरकार (Delhi Government) के स्‍कूलों में पढ़ने वाली 12वीं की दलित छात्राओं (Dalit Girl Students) को अब सरकारी खर्चे पर राष्‍ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा (National Eligibility Entrance Test ) की तैयार‍ियों के ल‍िए फ्री ऑनलाइन कोच‍िंग (Free online Coaching) दी जाएगी. द‍िल्‍ली सरकार ने इस संबंध में हर‍ियाणा (Haryana) और ह‍िमाचल प्रदेश सरकार (Himachal Pradesh Government) के साथ म‍िलकर मेड‍िकल छात्रों को कोच‍िंग देने वाली संस्‍था के साथ समझौता क‍िया है.

दरअसल, च‍िकित्‍सा स्‍नातक के पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने की इच्‍छुक छात्राओं के ल‍िए यह फ्री कोच‍िंग की व्‍यवस्‍था की जा रही है. लेक‍िन यह कोच‍िंग व्‍यवस्‍था स‍िर्फ अनुसूच‍ित जा‍त‍ि और अनुसूच‍ित जनजात‍ि कैटेगरी (SC/ST Category) की छात्राओं के ल‍िए ही की जा रही है. इस कोच‍िंग में एंट्री पाने से पहले दलित छात्राओं (Dalit Girl Students) को एक एप्‍टीट्यूट टेस्‍ट (Aptitude test) को भी क्‍लीयर करना होगा. इसके बाद ही इनकी फ्री कोच‍िंग के ल‍िए एन्‍रोलमेंट हो सकेगी.

श‍िक्षा न‍िदेशालय की अत‍िर‍िक्‍त शिक्षा न‍िदेशक (परीक्षा) रीता शर्मा की ओर से इस संबंध में एक सर्कुलर जारी कर द‍िया गया है. श‍िक्षा न‍िदेशालय की ओर से एप्‍टीट्यूट टेस्‍ट लेने के ल‍िए द‍िल्‍लीभर में 12 सेंटर्स का चयन क‍िया है जहां पर छात्र यह टेस्‍ट दे सकेंगे. हर ड‍िस्‍ट्रि‍क्‍ट में एक सेंटर बनाया गया है जहां पर यह टेस्‍ट आयोज‍ित क‍िए जाएंगे.

इसकी पूरी ज‍िम्‍मेदारी क्षेत्रीय ज‍िला श‍िक्षा अध‍िकारी, नोडल अफसर और स्‍कूल के व‍िभागाध्‍यक्ष को सौंपी गई है जोक‍ि इससे जुड़ी सभी प्रक्रिया को पूरा करने का काम करेंगे. इतना ही नहीं सेंटर्स पर लाने ले जाने की ज‍िम्‍मेदारी भी स्‍कूल एचओडी को सौंपी गई है जो क‍ि इसका पूरा खर्च वहने करेंगे. यह ट्रांसपोर्टेशन का खर्च पीडब्लूएफ/एसएमसी फंड से वहन क‍िया जाएगा. ट्रांसपोर्टेशन के दौरान कोव‍िड-19 के उच‍ित व्‍यवहार का अनुपालन करना अन‍िवार्य होगा.

बताया जाता है क‍ि द‍िल्‍ली सरकार ( Delhi Government) की ओर से नीट एग्‍जाम (NEET Exam) के ल‍िए कोच‍िंग द‍िलाने का काम ज‍िस संस्‍था को सौंपा गया है वह पहले से ही ह‍िमाचल प्रदेश और हर‍ियाणा में छात्रों को नीट एग्‍जाक की कोच‍िंग द‍िलाने का काम कर रही है. गैर लाभकारी संस्‍था अवंती (Avanti) इस द‍िशा में प‍िछले 11 साल से कार्य कर रही है. द‍िल्‍ली सरकार ने अब अपने स्‍कूलों में उन सभी छात्रों जोक‍ि एससी/एसटी कैटेगरी से संबंध‍ित हैं, उनको फ्री कोच‍िंग द‍िलाने की व्‍यवस्‍था की है.

यह सभी व्‍यवस्‍था सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर छात्राओं के ल‍िए व‍िशेष तौर पर की जा रही है. सरकार ने इसके ल‍िए सभी ज‍िलों में बनाए गए एप्‍टीट्यूट सेंटर्स में सीट भी न‍िर्धार‍ित की हैं. इन सीटों के आधार पर ही कोच‍िंग लेने वाले छात्रों का फाइनल चयन क‍िया जाएगा. इसके ल‍िए इच्‍छुक छात्रों के माता-प‍िता से भी सहमत‍ि लेना अन‍िवार्य क‍िया गया है.

नीट पर‍ीक्षा में स‍िर्फ वो ही छात्राएं शाम‍िल होंगी जोक‍ि 12वीं कक्षा में फ‍िज‍िक्‍स, कैमेस्‍ट्री और बॉयोलॉजी व‍िषय के साथ पढ़ाई कर रही हैं. एप्‍टीट्यूट टेस्‍ट की तारीक्ष 8 अक्‍टूबर न‍िर्धार‍ित की गई है जोक‍ि सुबह दस बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोज‍ित क‍िया जाएगा. हर ज‍िले के एक स्‍कूल में बनाए गए टेस्‍ट सेंटर पर छात्राओं को सुबह 9.30 बजे पहुंचना अन‍िवार्य होगा. इस एप्‍टीट्यूट टेस्‍ट में शॉर्ट ल‍िस्‍टेड क‍ी गई छात्राओं को ही फ्री ऑनलाइन कोच‍िंग के ल‍िए एन्‍रोलमेंट क‍िया जाएगा. नीट एग्‍जाम की ऑनलाइन कोच‍िंग सभी सब्‍जेक्‍ट के ल‍िए दी जाएगी.

द‍िल्‍ली सरकार की ओर से शुरू की जा रही यह शुरूआत पायलेट प्रोजेक्‍ट के तहत की जा रही है. सरकार की मंशा है क‍ि सरकारी स्‍कूलों में पढ़ने वाली 12वीं कक्षा की पीसीबी की छात्राओं को फ्री कोच‍िंग दी जाए ज‍िससे क‍ि यह आर्थिक व सामाज‍िक तौर कमजोर होने की वजह से पीछे नहीं रह जाएं.

श‍िक्षा न‍िदेशालय की ओर से सभी एचओडी को यह भी न‍िर्देश द‍िए गए हैं क‍ि एप्‍टीट्यूट टेस्‍ट लेने से पहले वह 12वीं कक्षा के पीसीबी की छात्राओं के ल‍िए पैरेंट्स से अनापत्‍त‍ि प्रमाण-पत्र भी ले लें. वहीं एचओडी को यह भी न‍िर्देश द‍िए हैं क‍ि वह इन सभी छात्राओं की पूरी ल‍िस्ट लैटरहेड पर स्‍टूडेंट एन्‍रोलमेंट आईडी, छात्रा का नाम, पैरेंट्स का नाम आद‍ि के साथ तैयार करेंगे.

न‍िदेशालय की ओर से ज‍िन स्‍कूलों को एप्‍टीट्यूट टेस्ट के ल‍िए तैयार क‍िया गया उनमें सबसे ज्‍यादा छात्र नॉर्थ ईस्‍ट के यमुना व‍िहार, ब्‍लॉक सी, नं. 1-सर्वोदय कन्‍या व‍िद्यालय में 179 और ईस्‍ट द‍िल्‍ली के न्‍यू कोंडली-जीजीएसएसएस में 108 होंगे. बाकी सभी सेंटर्स में कुल क‍ितने छात्रों की व्‍यवस्था की गई है नीचे ल‍िस्‍ट में पूरा ब्‍यौरा देखा जा सकता है:-

इस सभी ल‍िस्‍ट और छात्रों की संख्‍या के मुताबि‍क स्‍कूल सेंटर्स को न‍िर्देश द‍िए गए हैं क‍ि वह इनके तहत पर्याप्‍त सीटिंग की व्‍यवस्‍था करें. वहीं, इसके ल‍िए पर्याप्‍त संख्‍या के ह‍िसाब से ही संबंध‍ित संस्‍था अवंती के साथ म‍िलकर निरीक्षकों की व्‍यवस्‍था करें. वहीं, पूरी प्रक्र‍िया के दौरान कोव‍िड के उच‍ित व्‍यवहार को अनुपालन करने का सख्‍ती के साथ न‍िरीक्षण भी क‍िया जाए.

पंजाब के लाखों दलित विद्यार्थियों के लिए बुरी खबर, JAC जारी नहीं करेगा रोल नंबर

चंडीगढ़: पंजाब के लाखों दलित छात्रों (Schedule caste students) के लिए बुरी खबर है. निजी शैक्षिक संस्थाओं की ज्वाइंट एसोसिएशन ऑफ कॉलेजेस (Joint Association of Colleges) (जे.ए.सी.) ने अनुसूचित जाति के छात्रों के रोल नंबर जारी न करने का फैसला लिया है. जे.ए.सी. की ओर से जारी किए गए आधिकारिक बयान में कहा गया है कि राज्य सरकार की ओर से पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम (Post Metric Scholarship) के 1,549.06 करोड़ रुपए जारी नहीं किए गए हैं, जिसके कारण उन्होंने रोल नंबर न जारी करने का फैसला लिया है.

जे.ए.सी. के चेयरमैन डॉ. गुरमीत सिंह धालीवाल ने इस बारे में कहा, ‘मुझे मालूम है कि अनुसूचित छात्रों के रोल नंबर रोकने से छात्रों और परिजनों में तनाव है, लेकिन हमारे पास ग्रांट जारी करवाने का कोई और तरीका नहीं है.’

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बच्चों ने पूरी की 3 साल की पढ़ाई, लेकिन

उन्होंने कहा कि छात्रों ने तीन साल की पढ़ाई पूरी कर ली है, लेकिन फिर भी सरकार उन्हें स्कॉलरशिप देने में नाकाम रही है. उन्होंने कहा कि सरकार जब छात्रों की फीस नहीं दे रही है तो वो छात्रों को पढ़ाना जारी कैसे रख सकते हैं.

ऑनलाइन मीटिंग के दौरान लिया गया फैसला

उन्होंने कहा कि छात्रों के रोल नंबर रोकने का फैसला ऑनलाइन मीटिंग के दौरान लिया गया. इस मीटिंग में 136 एसोसिएशनों ने हिस्सा लिया.

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