चंद्रशेखर आजाद

Rajasthan Dausa HC Giriraj Bairwa suicide

राजस्‍थान: हेड कॉन्‍स्‍टेबल गिरिराज बैरवा की आत्‍महत्‍या के पीछे क्‍या है साजिश? आज़ाद ने की CBI जांच की मांग

राजस्‍थान (Rajasthan) के दौसा (Dausa) के सैंथल थाना परिसर में बने र्क्‍वाटर में हेड कॉन्‍स्‍टेबल गिरिराज बैरवा (Giriraj Bairwa) द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने का मामला गर्माता जा रहा है.

एक रिपोर्ट के अनुसार, बैरवा के आत्‍महत्‍या करने से पहले उनके साथ बदमाशों द्वारा मारपीट करने की बात सामने आई है और गंभीर बात यह है कि इस मामले में उच्‍च अधिकारी चुप्‍पी साधे हुए हैं.

आज़ाद समाज पार्टी (Azad Samaj Party) के अध्‍यक्ष चंद्रशेखर आज़ाद (Chandrashekhar Azad) ने ट्वीट कर कहा कि कॉन्‍स्‍टेबल गिरिराज बैरवा की आत्महत्या के पीछे बड़ी साजिश नजर आ रही है. इसकी CBI जांच होनी चाहिए. जिम्मेदार व्यक्तियों एवं शासन प्रशासन के लोगों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए.

 

बता दें कि अलवर जिले (Alwar) के श्यामपुरा गांव का रहने वाले हेड कॉन्‍स्‍टेबल गिरिराज सिंह सुसाइड केस में अभी तक पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लगा है. आत्महत्या मामले को लेकर कस्बे व आसपास क्षेत्र के लोगों में यही चर्चा है कि हेड कॉन्‍स्‍टेबल ने किस बात को लेकर ऐसा कदम उठाया.

भास्‍कर की रिपोर्ट के अनुसार, ग्राम बीनावाला निवासी जगदीश प्रसाद गुर्जर ने बताया कि पांच रोज पूर्व हेड कॉन्‍स्‍टेबल गिरिराज सिंह बीनावाला रोड से कहीं जा रहे थे. रास्ते में जगदीश प्रसाद गुर्जर ने उन्हें रोककर चाय पिलाई. इस पर गिरिराज सिंह ने आपबीती बताई थी.

गिरिराज सिंह ने जगदीश गुर्जर को बताया था कि 5 दिन पूर्व उसके साथ स्टाफ के लोगों के द्वारा दलालों से मारपीट करवाई गई. इस पर किसी भी स्टाफ द्वारा उसका साथ नहीं दिया गया.

जगदीश गुर्जर ने बताया कि गिरिराज सिंह ने अवैध बजरी खनन के मामले में मंथली बंधी लेने का बार-बार विरोध किया था, जबकि थाने के स्टाफ द्वारा दलालों को ज्यादा महत्व दिया जा रहा था. गिर‍िराज को बार-बार अपमानित किया जा रहा था.

यहां सुनवाई नहीं हुई तो गिरिराज ने आगे भी इस बात को अवगत कराने के बारे में बताया, लेकिन वहां भी कोई न्याय नहीं मिला. जिस जगह 5 दिन पहले मारपीट की घटना घटित हुई है उस जगह की मोबाइल लोकेशन व कॉल डिटेल के आधार पर इस मामले में कुछ खुलासा हो सकता है.

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ChandraShekhar Azad

संत रविदास की मूर्ति तोड़कर गंगा नदी में फेंकी, नाराज़ चंद्रशेखर आज़ाद पहुंचे हरिद्वार, देखें VIDEO

हरिद्वार (Haridwar) के चंडी घाट (Chandi Ghat) के पास बने नमामि गंगे (Namami Gange) घाट पर स्थापित संत शिरोमणि सतगुरु रविदास महाराज (Saint Shiromani Satguru Ravidas Maharaj) की मूर्ति को अज्ञात लोगों द्वारा गंगा नदी में फेंक दिए जाने और खंडित मूर्ति रखे जाने को लेकर आज़ाद समाज पार्टी (Azad Samaj Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आज़ाद (Chandrashekhar Azad) ने मौके पर पहुंचकर नाराजगी व्‍यक्‍त की.

आजाद ने संत रविदास (Saint Ravidas) की खंडित मूर्ति को तत्‍काल बदलवाए जाने की मांग उत्‍तराखंड पुलिस के कर्मियों से की.

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चंद्रशेखर आजाद द्वारा ट्वीट किए गए वीडियो में वह अपने समर्थकों के साथ मौके पर दिखे और वहां मौजूद पुलिसकर्मियों से इस बारे में बातचीत करते दिखे. उन्‍होंने पुलिसकर्मियों से कहा कि अगर आपके पास व्‍यवस्‍था नहीं है तो हमें बताइये हम पैसे देंगे, लेकिन ये बदलवाइये, अपमान मत कराइये. फ‍िजिकल डिस्‍टेंसिंग का हमें अच्‍छे से ध्‍यान हैं और हमें मजबूरी में यहां आना पड़ा है. अगर हमारे महापुरुषों-रहबरों की इस तरह से बेइज्‍जती होगी तो हम क्‍या करेंगे.

 

इस घटना को लेकर दुनियाभर से सामने आए वीडियो भी पुलिसकर्मियों को दिखाने की बात चंद्रशेखर आजाद ने की, जिसमें संत रविदास के अनुयायी उनकी मूर्ति खंडित होने को लेकर अपनी नाराजगी जता रहे हैं.

इसके आगे उन्‍होंने पुलिसकर्मियों से कहा कि दुनियाभर में 30 करोड़ फॉलोवर हैं, संत रविदास जी के. इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उन्‍हें आश्‍वासन दिया कि वे शाम तक खंडित मूर्ति की जगह नई मूर्ति स्‍थापित कराएंगे.

चंद्रशेखर ने पुलिसकर्मियों से कहा कि इससे पहले कि कोई विवाद हो जाए और यहां के लोग बाहर निकलें, इस बारे में कदम उठाइये.

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दरअसल, इसी सप्‍ताह हरिद्वार के चंडी घाट के पास बने नमामि गंगे घाट पर स्थापित महर्षि रविदास की मूर्ति किसी अज्ञात व्यक्ति ने गंगा में फेंक दी थी. इससे गुस्साए ज्वालापुर के विधायक रविदास आचार्य सुरेश राठौड़ के नेतृत्व में लोगों ने मौके पर पहुंचकर आक्रोश जताया था.

पुलिस अधिकारियों ने वार्ता कर लोगों को समझाया था और श्यामपुर थाने में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया. इस घटना के बाद संत रविदास की मूर्ति गंगा नदी से निकाली गई और दोबारा स्थापित की गई.

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