Breaking

दलित उत्‍पीड़न

Madhya Pradesh Dalit groom

मध्‍य प्रदेश: यादवों को चुभा दलित दूल्‍हे का घोड़े पर चढ़कर बारात ले जाना, लगाम खींचकर गिराया

मध्‍य प्रदेश (Madhya Pradesh) में आज भी दलित (Dalit) दूल्‍हों को घोड़े पर चढ़कर बारात ले जाना ऊंची जातियों को चुभता है. ताजा मामला मध्‍य प्रदेश के छतरपुर में सामने आया है, जहां एक दलित दूल्हे को घोड़े की सवारी करने से रोक दिया गया. पुलिस ने इस संबंध में अभी तक केवल मामला ही दर्ज किया है. खबर लिखे जाने तक कोई गिरफ्तारी नहीं की गई है.

जानकारी के अनुसार, यादव समुदाय (Yadav Community) के कुछ लोगों द्वारा सोमवार को छतरपुर के सटई इलाके में एक दलित दूल्हे को घोड़े की सवारी करने से रोक दिया गया.

सटई पुलिस स्टेशन के एसएचओ दीपक यादव ने कहा, “कुछ लोगों द्वारा घोड़े की लगाम खींचने के बाद दूल्हा जमीन पर गिर गया. मामला दर्ज कर लिया गया है.”

Madhya Pradesh: Dalit groom allegedly stopped by Yadavs from riding horse in Satai Chhatarpur
मध्य प्रदेश: दलित दूल्हे को यादवों ने छतरपुर में घुड़सवारी से रोका…

 

UP Bareilly Dalit Woman

सरकारी नल से पानी भरने गई दलित महिला के सरेआम कपड़े फाड़े, पीटा

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बरेली में सरकारी हैंडपंप पर पानी भरने गई अनुसूचित जाति (Scheduled Caste) की महिला के कथित तौर पर कपडे़ फाड़ दिए जाने और उसके साथ मारपीट किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है. महिला की शिकायत पर दो आरोपियों को हिरासत में लिया गया है.

मामला बरेली (Bareilly) के पूर्वी फतेहगंज थाना क्षेत्र का है.

एक रिपोर्ट के अनुसार, पूर्वी फतेहगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली एक दलित महिला के घर के पास ही सरकारी नल लगा हुआ है, जिससे वह पानी भरने गई थी.

आरोप है कि इस दौरान वहां रहने वाले कुछ युवकों ने उसे सरकारी नल से पानी भरने से मना कर दिया.

पीडि़ता का कहना है कि उसने जररूत बताकर बाल्‍टी में पानी तो भर लिया, लेकिन इसको लेकर विवाद हो गया.

उसका आरोप है कि जब उसने युवकों का विरोध किया तो उन्‍होंने सरेआम उसके कपड़े फाड़ दिए. किसी तरह उसने भागकर अपने आप को बचाया. बाद में जब वह दोबारा सरकारी नल पर पानी भरने पहुंची तो आरोपियों ने उसे फिर घेरकर खूब मारा और गांव से बाहर भगाने की धमकी भी दी.

इसकी सूचना महिला ने अपने परिवार के सभी लोगों को दी, जिसके इसकी शिकायत पुलिस को दी गई. पुलिस ने आरोप के आधार पर दो युवकों को हिरासत में ले लिया.

रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि सरकारी नल के बगल में ही आरोपी पक्ष का मकान बन रहा है. पुलिस का कहना है कि मलबा, ईंट उसके ऊपर न गिर जाए, इसके लिए महिला को मना किया गया था. इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो गई.

इस बारे में थाना प्रभारी, फतेहगंज पूर्वी अश्विनी कुमार का कहना है कि जांच में जो आरोप साबित होंगे, उसी के आधार पर उन पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा.

(Dalit Awaaz.com के फेसबुक पेज को Like करें और Twitter पर फॉलो जरूर करें)

Dalit-murder-UP-POlice

नाबालिग दलित को मंदिर में पूजा करने से रोका, विवाद के बाद सोते वक्‍त मार दी गोली

यूपी (Uttar Pradesh) के अमरोहा (Amroha) जिले में आधी रात को एक दलित (Dalit) युवक की गोली मार दी गई. मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि युवक का 4 दिन पहले मंदिर में पूजा करने को लेकर विवाद हुआ था और इसकी शिकायत पुलिस से दी गई, लेकिन इस बारे में कोई कार्रवाई नहीं की गई.

यह घटना अमरोहा जिले के हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव डोमखेड़ा की है. बताया जाता है कि करीब 4 दिन पहले इसी थाना क्षेत्र का रहने वाला दलित युवक विकास का गांव के ही युवक होराम से विवाद हुआ था.

रायबरेली: दलित की गाय चरने खेत में घुसी, दंबगों ने दलित को इतना पीटा की हुई मौत, पुलिस की लापरवाही

दरअसल, आरोप यह है विकास मंदिर में पूजा करने गया था, जिसके बाद कुछ लोगों ने उसे पूजा करने को लेकर रोक दिया था. इसी बात तो लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया. दलित पक्ष ने इस पूरी घटना की शिकायत पुलिस से की थी. कहा जा रहा है कि पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, वारदात के पीछे इसकी विवाद को वजह माना हा रहा है. हत्या की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक डॉ. विपिन ताड़ा ने मौके पर पहुंचकर पूरी जानकारी हासिल की और आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर आदेश दिए.

मुरादाबाद: 15 दबंगों ने ईंट-पत्‍थर मार-मारकर कर दी दलित बाप-बेटे की हत्‍या, बेटी ने भागकर बचाई जान

रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस की इसी लापरवाही के कारण युवक की जान पर बन आई और सोते वक्‍त उसे गोली मार दी गई.

लिहाजा, प्रथम दृष्‍टया विकास हत्याकांड के पीछे मंदिर में पूजा करने से रोकने को लेकर हुए विवाद को ही इस हत्‍या का कारण माना जा रहा है.

पुलिस का कहना है कि युवक के घरवालों की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और जल्द सभी की गिरफ्तारी कर ली जाएगी.

दलित को प्रधान के बेटे ने मारा, कनपटी पर असलहा रखा और थूककर चटवाया

इस केस को लेकर थाना इंचार्ज नीरज कुमार का कहना है कि मंदिर में पूजा करने से रोकने को लेकर कोई मामला सामने नहीं आया है. उनका कहना है कि मृतक विकास 17 साल की हत्‍यारोपी युवक होराम से खेलते हुए लड़ाई हुई थी.

पड़ताल में यह पता चला है कि विवाद के बाद से हत्‍यारोपी अपने घर पर नहीं था. वह रात को ही गांव वापस लौटा था और सोते हुए उसे गोली मार दी गई. थानाध्यक्ष का यह भी कहना है पूरी घटना की जांच की जा रही है.

संभल : दलित नेता और उनके बेटे के डबल मर्डर केस में यूपी पुलिस ने की यह बड़ी कार्रवाई

एसपी डॉक्टर विपिन ताड़ा के मुताबिक मामले की जांच की जा रही है. परिजनों की ओर से आई तहरीर में एक ही परिवार के 4 लोगों को नामजद किया गया है सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है.

ये भी पढ़ें…

युवराज सिंह ने जातिसूचक टिप्‍पणी पर मांगी माफी, बोले- ‘लोगों की भलाई के ल‍िए ही जीना चाहता हूं’

Exclusive: क्रिकेटर युवराज सिंह के खिलाफ शिकायतकर्ता के बयान दर्ज, हरियाणा पुलिस ले रही कानूनी राय

Exclusive: युजवेंद्र चहल को भंगी कहना युवराज सिंह को पड़ा भारी, पुलिस कार्रवाई आगे बढ़ी, SC आयोग ने भी मांगी जानकारी

Exclusive: भंगी कहने पर युवराज सिंह के खिलाफ पुलिस में शिकायत, SC/ST Act में केस दर्ज कर गिरफ्तार करने की मांग

युवराज सिंह ने युजवेंद्र चहल को कहा ‘भंगी’, बोले- ‘इन लोगों को कोई काम नहीं है’

(Dalit Awaaz.com के फेसबुक पेज को Like करें और Twitter पर फॉलो जरूर करें)

Punjab Barnala Bhadaur police station tortured Dalit boy in Custody

LED चोरी के आरोप में दलित युवक को कस्‍टडी में टॉर्चर किया, अगले ही द‍िन LED किसी और से बरामद हुई

पंजाब (Punjab) के बरनाला (Barnala) में पुलिस द्वारा दलित (Dalit) युवक को कस्‍टडी में बुरी तरह प्रताडि़त करने का मामला सामने आया है. पुलिस ने दलित युवक को पर एलईडी चोरी के आरोप में कस्‍टडी में लिया था, जबकि अगले ही द‍िन वह किसी अन्‍य व्‍यक्ति के पास से बरामद हुई.

वाकया बरनाला के भदौर थाने का है. यहां 17 वर्षीय दलित लड़के को प्रताड़ित किए जाने के आरोपों के बाद पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग (Punjab State Scheduled Castes Commission) की एक टीम ने सोमवार को कोठे भान सिंह में पीड़ित परिवार के घर का दौरा किया.

पीड़ित ने आरोप लगाया कि चोरी की गई एलईडी को बरामद करने के लिए उसे हिरासत में रखा गया था, जिसे बाद में किसी अन्य शख्‍स से बरामद किया गया. आयोग ने घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं.

कमिशन टीम के सामने पीड़ित की मां जसविंदर कौर ने आरोप लगाया कि “मेरे बेटे गुरप्रीत सिंह (17) को भदौर पुलिस ने 9 मई को एक पड़ोसी द्वारा एलईडी चोरी की झूठी शिकायत दर्ज कराने के बाद हिरासत में ले लिया था. उसे कथित रूप से अवैध कारावास में रखा गया और पुलिस स्टेशन में पुलिस द्वारा उसे प्रताड़ित किया गया. लेकिन 10 मई की शाम, पुलिस ने मेरे बेटे को निर्दोष कहकर रिहा कर दिया, जब उसकी तबीयत खराब हो गई थी.”

कौर ने कहा कि उनका बेटा 10 से 18 मई तक अस्पताल में भर्ती रहा.

पंजाब राज्य अनुसूचित जाति (एससी) आयोग की टीम के साथ बरनाला एसडीएम अनमोल सिंह धालीवाल, जिला विकास पंचायत अधिकारी संजीव शर्मा, डीएसपी बरनाला परमिंदर सिंह, डीएसपी तापा रविंदर सिंह रंधावा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे.

कौर से विवरण प्राप्त करने के बाद आयोग की सदस्य पूनम कांगड़ा ने एसडीएम को 17 जून को आयोग के चंडीगढ़ कार्यालय में घटना की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया.

आयोग की सदस्य पूनम कांगड़ा ने कहा, ‘पुलिस ने बिना किसी गलती के नाबालिग दलित लड़के को बेरहमी से प्रताड़ित किया, क्योंकि बाद में चोरी की गई एलईडी एक अन्‍य व्यक्ति से बरामद हुई. गुरप्रीत 11 से 19 मई तक अस्पताल में रहा और बाद में उसने आयोग को शिकायत सौंपी. एसडीएम बरनाला से रिपोर्ट मिलने के बाद हम सख्त कार्रवाई करेंगे.’

उल्‍लेखनीय है कि हाल ही में पंजाब पुलिस पर इसी तरह दो दलित भाईयों को कस्‍टडी में टॉर्चर किए जाने का मामला प्रकाश में आया था. बीते माह मई में पंजाब (Punjab) के संगरूर (Sangrur) जिले के संदौर थाना क्षेत्र में एक गंभीर मामला सामने आया था. आरोप है कि यहां दो दलित (Dalit) युवा भाईयों को संदौर थाने (Sandaur Police Station) में पुलिस हिरासत के दौरान पुलिसकर्मियों ने बुरी तरह टॉर्चर किया. आरोपी पुलिसवालों ने दोनों दलित भाईयों को कस्‍टडी में न केवल बुरी तरह मारा, बल्कि उनके प्राइवेट पार्ट में पेट्रोल भी डाला.

TOI के अनुसार, इस घटना पर कार्रवाई करते हुए संगरूर पुलिस (Sangrur Police) ने दो पुलिसवालों का ट्रांसफर कर दिया है, जबकि तीन अन्‍य का ट्रांस्‍फर कर दिया गया है.

(Read- दलित आवाज़ की खबर का असर, रायबरेली दलित युवक की मौत का मामला राष्‍ट्रपति तक पहुंचा)

वहीं, पंजाब अनुसूचित जाति आयोग (Punjab Scheduled Caste Commission) की सदस्‍य पूनम कांगड़ा भी इस घटना के संज्ञान में आने के बाद दोनों पीडि़तों से मिलने मलेरकोटला सिविल अस्‍पताल पहुंचीं.

पूनम कांगड़ा की तरफ से आरोपी पुलिस वालों के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं. उनकी तरफ से डीएसपी मालेरकोटला (Malerkotla) से आयोग में इस बाबत 13 मई तक विस्‍तृत रिपोर्ट सौंपने और थाने के एसएचओ के खिलाफ विभागीय जांच करने को भी कहा गया है.

tribuneindia के मुताबिक, कस्बा भराल गांव के पूर्व सरपंच जग्गा सिंह ने कहा कि संदौर पुलिस थाने के पुलिसकर्मियों द्वारा उनके भतीजे सरमजीत सिंह और लखवीर सिंह को बुरी तह पीटा गया और जबरन 20,000 रुपये छीन लिए गए.

पढ़ें- हरियाणा: वाल्मिकी मंदिर बनाने को लेकर विवाद, घरों में घुसकर लोगों पर किया हमला, FIR भी दर्ज नहीं

उनका आरोप है कि बीते बुधवार को मनकी गांव में बोलेरो कार में चार अज्ञात लोग आए और उन्‍होंने उनके भतीजों से कहा वे पुलिसवाले हैं थे और दोनों को कुछ एफआईआर के संबंध में पूछताछ करने के लिए उनके साथ पुलिस स्टेशन जाना होगा. जब सिमरजीत ने उनसे उनके आईकार्ड के बारे में पूछा, तो उन्‍होंने उसे पीटना शुरू कर दिया और लखवीर से 20 हजार रुपये छीन लिए.

आरोप है कि पुलिसकर्मी इन दोनों को तो थाने के अंदर ले गए, जबकि बाकियों को अन्‍य जाने से मना कर दिया.

पढ़ें- हरियाणा: लॉकडाउन में एक दलित मुस्लिम महिला का हिंदू रीति रिवाज से हुआ अंतिम संस्‍कार

सिमरनजीत सिंह का दावा है कि घटना के वक्‍त इनमें से कुछ पुलिसवाले नशे में थे और थाने के अंदर पूरी रात उन्‍हें प्रताडि़त किया गया. सिमरजीत ने कहा कि ‘पुलिसवालों ने उसके प्राइवेट पार्ट में पेट्रोल डाला, जूतों के नीचे उसके हाथों को कुचला. मेरे पैरों पर लाठियां मारीं और कई घंटों तक नंगा रखा’.

पुलिस ने गुरुवार तक उन्‍हें थाने में तब तक रखा, जब तक उनके परिजनों ने विरोध करने की बात नहीं कही. सिमरजीत को बाद में इलाज के लिए मलेरकोट सिविल अस्‍पताल ले जाया गया.

लखविंदर को हल्‍की चोटें आई हैं और उसे प्राथमिक उपचार के बाद अस्‍पताल से छुट्टी दे दी गई.

पढ़ें- डॉ. आंबेडकर की मूर्ति पर डाली जूतों की माला, चेहरे पर बांधा अपमानजनक टिप्‍पणियों वाला पोस्‍टर

इस बीच पुलिस ने कहा कि उन्होंने दो पुलिसकर्मियों एएसआई सुखविंदर सिंह और पीएचजी केसर सिंह को निलंबित कर दिया है और तीन अन्य को वर्तमान पोस्टिंग से बाहर कर दिया है.

मालेरकोटला (Malerkotla) के पुलिस अधीक्षक मनजीत सिंह बराड़ ने कहा कि उन्होंने पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की है. स्नैचिंग के आरोपों की प्रारंभिक जांच भी कर रही है.

ये खबरें भी पढ़ें…

राजस्‍थान के नागौर में दलित महिला से एक साल से हो रहा था गैंगरेप, क्‍योंकि…

सिद्धार्थनगर: प्रधान के बेटे-दबंगों ने दलित युवक को पीटा, सिर मुंडवाया, गांव में घुमाया, पुलिसवाले देखते रहे

दलित बस्‍ती को 2 महीने से नहीं मिल रहा पानी, सरपंच के पति ने कुएं से पानी भरने से भी मना किया

जानिए कौन सी बातें हैं, SC/ST Act के तहत अपराध…

 एससी/एसटी एक्ट की 20 जरूरी बातें, जो आपको पता होनी चाहिए