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Punjab Dalit man alleges Panchkula Police thrashing SHO ASI transferred

पंचकूला : दलित बुजुर्ग को थाने में पुलिसवाले ने डंडे से मारा, SHO-ASI का तबादला

पंचकूला : 70 साल के एक दलित बुजुर्ग (Old Dalit Man) ने पंचकूला पुलिस (Panchkula Police) पर एक मामले की रिपोर्ट करने के दौरान उसके साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है. आरोप है कि पंचकूला पुलिस ने पर उसके द्वारा बताए गए एक मामले की जांच के दौरान लकड़ी के डंडे से पीटा. आरोपी एएसआई के साथ एसएचओ को पुलिस लाइंस में शिफ्ट कर दिया गया है.

रिपोर्ट के अनुसार, एक सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक गुरनाम सिंह ने आरोप लगाया कि उन्होंने “शामलत भूमि (गांव की आम भूमि) पर अवैध कब्जे से संबंधित एक मामले में पुलिस हस्तक्षेप की मांग की थी, लेकिन पुलिस ने हमारी शिकायत को दूर करने के बजाय हमें बेरहमी से पीटा”.

गुरनाम सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि ‘हमने रायपुर रानी पुलिस स्‍टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें पुलिस से शामलात की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश करने वालों को रोकने के लिए कहा था. पुलिस नोटिस के अनुसार, हम थाने गए, जहां दूसरा पक्ष पहले से मौजूद था. एएसआई देवी दयाल ने मेरी और मेरे साथ आने वाले अन्य लोगों की नहीं सुनी, उसने मेरे सिर पर लकड़ी के डंडे से वार कर दिया’.

एसएसपी सौरभ सिंह के अनुसार, आरोपी पुलिस अधिकारियों को पुलिस लाइन भेज दिया है, उनके खिलाफ जांच बैठा दी गई है, जिसका नेतृत्‍व एसीपी विजय नेहरा कर रहे हैं. दोनों पक्षों के बीच का मामला मुख्य रूप से एक भूमि विवाद है, जिसमें लगभग 180 एकड़ जमीन शामिल है. मामला जटिल है और क्षेत्र के एसडीएम और तहसीलदार दोनों ने शनिवार को एक सर्वेक्षण किया और आने वाले सप्ताह में दोनों पक्षों के साथ एक बैठक करेंगे.

 

दलित, पिछड़ों व गरीब बच्चों को पढ़ाई के लिए मिलेंगे टैब, खट्टर सरकार ने किया ऐलान

नई दिल्ली. देशभर में एक बार फिर कोरोना वायरस तेजी से अपने पैर पसार रहा है. कोरोना के कारण बच्चों की पढ़ाई ऑनलाइन माध्यम से हो रही है. हालांकि ज्यादातर दलित, गरीब और पिछड़े वर्ग के बच्चे लैपटॉप, मोबाइल के अभाव के कारण पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं.

ऐसे में हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार ने गरीब, दलित और पिछड़े वर्ग के बच्चों को टैब देने का ऐलान किया है, ताकि सभी बच्चे ऑनलाइन क्लास ले सकें.

किन बच्चों को दिए जाएंगे टैब
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, ये टैब हरियाणा के विभिन्न सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले 8वीं से 12वीं कक्षा के छात्रों को दिए जाएंगे. लाइब्रेरी सिस्टम की तरह से छात्रों को यह टैब तीन साल के लिए दिए जाएंगे.

पहली से सातवीं तक के लिए स्मार्ट क्लास
अमर उजाला पर प्रकाशित खबर के अनुसार, इसके अलावा पहली से सातवीं तक कक्षा वाले विद्यार्थियों के लिए स्मार्ट सिस्टम को अपनाया जाएगा. इससे संक्रमण का डर कम रहेगा साथ ही एक बेहतर आधुनिक सिस्टम से उनको शिक्षा जारी रखने की तैयारी है. हालांकि इसमें भी सरकार को मोटा खर्च वहन करना होगा.

विभाग के प्रमुख सचिव डा. महावीर सिंह का कहना है कि इस पर साढ़े छह सौ से सात सौ करोड़ का खर्च आएगा. इस काम के लिए हम पारदर्शी सिस्टम से टेंडर करने जा रहे हैं. जिसमें केंद्र सरकार के जैम, सरकारी एजेंसी हारट्रोन और विशेषज्ञ कंपनियों के टेंडर मांगे जा रहे हैं. इस दिशा में सारी तैयारी कर ली गई है. टेंडर में शर्त लगी है कि यह ओरिजनल उपकऱण तैयार करने की शर्त के साथ में दिए जा रहे हैं, साथ ही यह पूरा का पूरा मामला हाई पावर पर्चेज कमेटी में जाएगा.