Rohith Vemula : अंत तक संघर्ष करने के लिए रोहित वेमुला मेरा हीरो है, मेरा एक भाई, जिसके साथ अन्‍याय हुआ

Dalit Rohith Vemula Death Anniversary

नई दिल्‍ली : हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी (Hyderabad Central University) के पीएचडी छात्र रोहित वेमुला (Rohith Vemula) की शहादत को आज छह साल हो गए हैं. 26 वर्षीय दलित छात्र रोहित वेमुला (Dalit Student Rohit Vemula) बीते 17 जनवरी 2016 को यूनिवर्सिटी के होस्टल के एक कमरे में फांसी के फंदे पर लटके पाए गए थे. सांस्‍थानिक हत्‍या के शिकार हुए रोहित को आज लोग नम आंखों से याद कर रहे हैं. इसकी क्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी एवं आजाद समाज पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष चंद्रशेखर आजाद एवं अन्‍य कई ने सोमवार को रोहित वेमुला (Rohith Vemula) को याद करते हुए ट्वीट किया.

राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने रोहित वेमुला को याद करते हुए ट्विटर पर लिखा, ‘रोहित वेमुला की उनकी दलित पहचान के खिलाफ भेदभाव और आक्रोश के कारण हत्या कर दी गई थी. वर्षों बीत जाने पर भी वह प्रतिरोध के प्रतीक बने हुए हैं और उनकी बहादुर मां आशा की प्रतीक हैं. राहुल गांधी ने आगे लिखा, अंत तक लड़ने के लिए, रोहित मेरे हीरो हैं, मेरे भाई जिनके साथ अन्याय हुआ’.

 

वहीं, भीम आर्मी चीफ और आजाद समाज पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने भी रोहित वेमुला को याद किया. उन्‍होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘भाई रोहित वेमुला की शहादत दिवस पर उन्हें शत शत नमन. रोहित वेमुला का सुसाइड नोट सिर्फ एक कागज नहीं बल्कि उन लाखों युवाओं का दर्द है जिनके साथ आज भी शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव होता है. रोहित भाई की शहादत ने लाखों युवाओं को जिंदा किया है.आप हमारे दिलों में हमेशा अमर रहेंगे’.

 

 

पूर्व दलित आईपीएस अधिकारी एवं तेलंगाना में बीएसपी डॉ. आरएस प्रवीण कुमार ने लिखा, आज #RohithVemula को याद कर रहा हूं. हम अपनी अंतरात्मा को उन ताकतों के आगे कभी नहीं झुकने देंगे जिन्होंने तुम्हें मार डाला. अपने #बहुजन शासन में, हम आपके जैसे लाखों निडर विद्वानों को हर जगह से पैदा करेंगे और उन्हें दुनिया के सामने लाएंगे ताकि न्याय के चाप को बेजुबानों की ओर झुकाया जा सके.

 

वहीं, दिल्‍ली सरकार के सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने भी रोहित को याद करते हुए लिखा, रोहित वेमुला जी की शहादत दिवस पर उन्हें शत शत नमन. रोहित वेमुला का सुसाइड नोट सिर्फ एक कागज नहीं बल्कि लाखों युवाओं का दर्द बयां करता है. जातिवाद एवं सामंतवाद के विरुद्ध आवाज बुलंद करने वाले रोहित वेमुला आज भी लाखों युवाओं के दिलों में जिंदा है.

 

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