Haryana

Dalit leader Uday Bhan appointed as President of Haryana Pradesh Congress

हुड्डा के करीबी दलित नेता उदय भान हरियाणा प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष नियुक्त

नई दिल्ली/चंडीगढ़ : कांग्रेस (Congress) ने अपनी हरियाणा (Haryana) इकाई के वरिष्ठ नेता उदय भान (Dalit Leader Uday Bhan) को प्रदेश कांग्रेस समिति का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के करीबी माने जाने वाले उदय भान दलित समुदाय (Dalit Community) से आते हैं. उन्होंने कुमारी सैलजा का स्थान लिया है. सैलजा ने पिछले दिनों कांग्रेस नेतृत्व को अपना इस्तीफा सौंपा था.

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पार्टी के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, दलित नेता उदय भान (Dalit Leader Uday Bhan) को हरियाणा प्रदेश कांग्रेस समिति (Haryana Pradesh Congress Committee) का अध्यक्ष नियुक्त करने के साथ श्रुति चौधरी, राम किशन गुज्जर, जितेंद्र कुमार भारद्वाज और सुरेश गुप्ता को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है. पूर्व सांसद श्रुति चौधरी हरियाणा प्रदेश कांग्रेस समिति की वरिष्ठ नेता किरण चौधरी की पुत्री हैं. उधर, राज्यसभा सदस्य दीपेंद्र हुड्डा ने बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की.

उदय भान सहकारिता मंत्रालय के तहत आने वाले कृषक भारती को ऑपरेटिव लि. (कृभको) के अध्यक्ष और होडल तथा हसनपुर दोनों विधानसभा क्षेत्रों से विधायक रह चुके हैं.

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सैलजा ने उन्हें बधाई देते हुए ट्वीट किया, ‘‘हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर उदय भान जी को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं देती हूं. कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर श्रुति चौधरी जी, रामकिशन गुर्जर जी, जितेंद्र भारद्वाज जी, सुरेश गुप्ता जी को भी शुभकामनाएं देती हूं.’’

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप सभी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी (Congress Party) एक मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाएगी और जनता की आवाज को पुरजोर तरीके से उठाएगी.’’ पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा ने कहा कि उदय भान के अध्यक्ष बनने से हरियाणा में कांग्रेस को मजबूती मिलेगी.

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उदयभान ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाए जाने पर पार्टी आलाकमान का आभार प्रकट किया और कहा कि वह संगठन को मजबूत बनाने तथा दूसरे नेताओं के साथ मिलकर काम करेंगे.

उदय भान हरियाणा की राजनीति के चर्चित चेहरे गया लाल के पुत्र हैं. हरियाणा में ‘आया राम, गया राम’ का मुहावरा दलबदल के पर्याय के रूप में 1960 के दशक में तब सुर्खियों में आया जब हरियाणा की हसनपुर (सुरक्षित) विधानसभा सीट से विधायक गया लाल ने एक ही दिन में तीन बार पार्टी बदली थी.

Haryana Dalit Man beaten to death on allegedly stealing motor Hisar Government Hospital family protest continues denial of funeral

मोटर चुराने के आरोप में दलित मजदूर को पीट-पीटकर मार डाला, परिवार का विरोध जारी, अंतिम संस्‍कार से किया इनकार

नई दिल्‍ली/हिसार : 14 दिसंबर को एक बिजली की मोटर चोरी के संदेह में पीट-पीटकर मार डाले गए एक दलित व्यक्ति के परिवार ने शुक्रवार को तीसरे दिन भी हिसार के सरकारी अस्पताल (Hisar Government Hospital) परिसर में अपना विरोध जारी रखा और जब तक कि सभी संदिग्धों को गिरफ्तार नहीं कर लिया जाता, उन्‍होंने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया. हिसार जिले के मिरकान गांव (Mirkan village of Hisar district) में मंगलवार को ग्रामीणों के एक समूह ने एक दैनिक मजदूर विनोद (38) दलित व्यक्ति को पीट-पीटकर मार डाला (Dalit Man beaten to death) और उसके दो चचेरे भाई घायल हो गए थे.

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एक पुलिस अधिकारी ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि विनोद का परिवार मुआवजे के रूप में 50 लाख रुपये, उसकी पत्नी के लिए सरकारी नौकरी, मामले के सभी 17 आरोपियों की गिरफ्तारी, घटना में घायलों में से प्रत्येक के लिए 25 लाख रुपये का मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग कर रहा है.

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दरअसल, पीडि़त दलित परिवार (Deceased Dalit Family) ने अपनी मांगों के लिए दबाव बनाने के लिए स्थानीय लोगों के साथ विनोद के शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था और बुधवार से धरने पर बैठे हैं. परिवार ने आरोप लगाया कि ऊंची जाति के ग्रामीणों के एक समूह ने 14 दिसंबर को विनोद और उसके दो चचेरे भाइयों- संदीप और भाल सिंह को किसी बहाने से अपने खेत में ले जाकर पिटाई की थी. परिवार ने कहा कि आरोपियों ने विनोद को इस संदेह में मार डाला कि उनके खेत से पानी का मोटर पंप चुरा लिया गया (Dalit Man beaten to death). डॉक्टरों के एक बोर्ड ने 15 दिसंबर को शव का पोस्टमॉर्टम किया था और इस प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की गई थी.

रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने कहा है कि, शुरुआत में परिवार ने 11 संदिग्धों को दोषी ठहराया था, जिनमें से छह पर हत्या का आरोप लगाया गया था. बाद में एक पूरक बयान में, परिवार ने कहा कि हत्या के लिए 17 लोग जिम्मेदार थे. हिसार डीएसपी (मुख्यालय), अशोक कुमार ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि शेष सभी संदिग्धों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं. गिरफ्तार लोगों की पहचान इंदर सिंह, राजपाल, विजय और भगीरथ के रूप में हुई है. सूत्रों ने कहा कि इस मामले में जल्द ही और गिरफ्तारियां होने की संभावना है.

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इस बीच, प्रशासन के अधिकारी कई दौर की बातचीत कर मृतक के परिवार को मृतक विनोद के शव का दाह संस्कार करने की कोशिश कर रहे हैं. परिवार की मांग पर मामले के जांच अधिकारी को पहले ही बदला जा चुका है. प्रशासन ने मृतक के परिवार को 8.5 लाख रुपये मुआवजा देने का आश्वासन दिया है.

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एक अधिकारी ने कहा कि “मृतक के परिवार को मुआवजे की राशि के 4.5 लाख रुपये जारी करने की प्रक्रिया शुरू की गई है, लेकिन परिवार के बैंक खाते के अभाव में इसे तुरंत जारी नहीं किया जा सका. अब मुआवजा राशि जारी करने के लिए सोमवार को बैंक खाता खोला जाएगा. इसके अलावा, घायलों में से प्रत्येक के लिए 1 लाख रुपये भी दिए जाएंगे.”

बुधवार को हिसार की उपायुक्त प्रियंका सोनी (Hisar Deputy Commissioner, Priyanka Soni) और डीआईजी बलवान सिंह राणा (DIG Balwan Singh Rana) समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने मृतक के परिवार से मिलने स्थानीय अस्पताल का दौरा किया. उन्होंने विनोद के दो घायल चचेरे भाइयों से भी बातचीत की थी. राणा ने कहा कि एक डीएसपी स्तर का अधिकारी अपराध की जांच करेगा. हत्या के आरोप और एससी/एसटी एक्ट (SC/ST Act) की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है.

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Haryana Rohtak Social boycott of dalits for not withdrawing SC ST Act case

Haryana: SC/ST Act केस वापस न लेने पर दलितों का सामाजिक बहिष्‍कार, रास्‍तों से जा नहीं सकते, दुकानदार सामान नहीं दे रहे

नई दिल्‍ली : हरियाणा (Haryana) में उच्‍च जातियों द्वारा दलितों का उत्‍पीड़न (Dalit Atrocities) किस कदर हो रहा है, इसका एक नजारा आजकल रोहतक (Rohtak) के भैनी मातो गांव (Bahini Mato Village) में देखने को मिल रहा है. यहां दलित समुदाय का सामाजिक बहिष्‍कार (Dalit Community Social Boycott) कर दिया है. जिसकी वजह यहां एक दलित परिवार (Dalit Family) का उच्‍च जाति के एक युवक के खिलाफ एससी/एसटी एक्‍ट (SC/ST Act) और पोक्‍सो एक्‍ट (POCSO ACT) के तहत दर्ज केस को वापस न लेना है. इसकी वजह से दलित परिवारों को रोजमर्रा की जरूरत की वस्‍तुएं भी खरीदने के लिए गांव से करीब आठ किलोमीटर दूर का सफर तय करना पड़ रहा है.

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TOI की रिपोर्ट के अनुसार, बीते 7 दिसंबर को ऊंची जाति के एक युवक के खिलाफ घर में जबरन घुसने और उनकी नाबालिग बेटी से छेड़छाड़ करने के आरोप में Protection of Children from Sexual Offences (POCSO ACT) तथा एससी/एसटी एक्‍ट (SC/ST Act) के तहत महम पुलिस स्‍टेशन में केस दर्ज कराया गया था. पीडि़त दलित परिवार ने मामले में अपनी शिकायत को वापस लेने से इनकार कर दिया था.

रिपोर्ट के अनुसार, जब आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया तो 8 दिसंबर को गांव में एक पंचायत (Panchayat) हुई, जिसमें दलित परिवार (Dalit Family) पर केस वापस लेने का दबाव डाला गया. दलित परिवार ने केस वापस लेने से मना कर दिया. इसमें बाद गांव में दो और पंचायत हुई और पूरे दलित समुदाय का बहिष्‍कार करने को कहा गया. आरोप है कि 15 दिसंबर को गांव में ऐलान कर दिया गया जो भी दलितों (Dalits) को अपने खेतों और रास्‍तों से जाने देगा उस पर 11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और कोई भी दलित वर्करों को काम नहीं देगा. साथ ही दुकानदारों से कह दिया गया कि वे दलितों को भी कुछ भी सामान नहीं बेचेंगे.

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पीड़ित नाबालिग के 70 साल के दादा ने कहा है कि हम केस वापस नहीं लेंगे. वे जब तक हमारा बहिष्‍कार करना चाहते हैं, करें. ये तीसरी बार था, जब आरोपी जबरन हमारे घर में घुस आया. बुजुर्ग ने दावा किया कि हम सामाजिक बहिष्‍कार (Social Boycott) किए जाने को लेकर रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पुलिस स्‍टेशन गए थे, लेकिन हमारी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई. पुलिस ने हमसे कहा कि वे खुद ये मामला सुलझा लें. शिकायत दर्ज कराने की कोई जरूरत नहीं.

दलित उत्‍पीड़न (Dalit Atrocities) की सभी घटनाएं यहां क्लिक कर पढ़ें…

Bhartiya Mulnivasi Sangathan appointed Karan Singh Nafria as Haryana State President

भारतीय मूलनिवासी संगठन ने करण सिंह नाफरिया को सौंपी हरियाणा की कमान

नई दिल्‍ली : हरियाणा (Haryana) के कैथल के रहने वाले करण सिंह नाफरिया को भारतीय मूलनिवासी संगठन (Bhartiya Mulnivasi Sangathan) की ओर से अहम जिम्‍मेदारी सौंपी गई है. संगठन ने उन्‍हें मूलनिवासियों में आंबेडकरवादी वैचारिक क्रांति के माध्‍यम से जागरूकता लाने आदि बहुजन सामाजिक कार्यों में सक्रियता के चलते हरियाणा का प्रदेश अध्‍यक्ष नियुक्‍त किया है.

भारतीय मूलनिवासी संगठन (Bhartiya Mulnivasi Sangathan) के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष डी प्रकाश गौतम ने करण सिंह नाफरिया को यह नियुक्ति पत्र सौंपा. इसमें कहा गया कि राष्‍ट्रपिता ज्‍योतिबा राव फुले (Jyotiba Rao Phule), राष्‍ट्र निर्माता बाबा साहब डॉ. बीआर आंबेडकर (Dr. BR Ambedkar), धरती बाब बिरसा मुंडा (Birsa Munda) एवं पेरियार ईवी रामास्‍वामी नायकर (periyar ev ramasamy naicker) तथा अन्‍य मूलनिवासी महापुरुषों के मिशन में आपकी अटूट आस्‍था होने एवं भारत के मूलनिवासियों में आंबेडकरवादी वैचारिक क्रांति (Ambedkarite Ideological Revolution) के माध्‍यम से जागरूकता लाने तथा भारतीय मूलनिवासी संगठन के प्रति विश्‍वास व्‍यक्‍त करने पर समाज में क्रांतिकारी कार्य करने की इच्‍छानुसार आपको संगठन में प्रदेश अध्‍यक्ष, हरियाणा के पद पर नियुक्‍त किया जाता है.

संगठन के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष डी प्रकाश गौतम ने कहा है कि हमें उम्‍मीद है कि आप इस पद की गरिमा बनाए रखते हुए सामाजिक जिम्‍मेदारी को बखूबी निभाएंगे और मूलनिवासी समाज के दुख दर्द में शरीक रहेंगे. साथ ही उनसे प्रदेश में संगठन विस्‍तार को लेकर कार्य करने की अपेक्षा जताई गई है.