एडवोकेट रजत कलसन

technical flaws of SC ST Act

SC/ST Act की वो तकनीकी खामियां, जिनसे दलितों पर अत्‍याचार करने वाले बच जाते हैं…

अनुसूचित जाति व जनजाति अत्याचार अधिनियम 1989 (Scheduled Caste and Scheduled Tribe (Prevention of Atrocities) Act, 1989) को भारत के संविधान के अनुच्छेद 17 के तहत ‘अस्पृश्यता के अंत’ की अवधारणा के तहत 1989 में अधिनियमित किया गया था. संविधान के अनुच्छेद 17 में अस्पृश्यता के अंत को कानून का रूप मिलने व इसके बाद …

SC/ST Act की वो तकनीकी खामियां, जिनसे दलितों पर अत्‍याचार करने वाले बच जाते हैं… Read More »

Crime-Act-under-SC-SCT-Act

जानिए कौन सी बातें हैं, SC/ST Act के तहत अपराध…

इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि अनुसूचित जाति व जनजाति समुदाय (Scheduled Caste & Scheduled Tribe Community) के खिलाफ कौन-कौन से काम करना अनुसूचित जाति व जनजाति अत्याचार अधिनियम (SC/ST Act) के तहत गंभीर, गैर ज़मानती तथा नॉन कंपाउंडेबल अपराध है. अगर कोई गैर अनुसूचित जाति या जनजाति समुदाय का व्यक्ति इन कृत्‍यों को …

जानिए कौन सी बातें हैं, SC/ST Act के तहत अपराध… Read More »

SC-ST-Act-Dalit-Awaaz

एससी/एसटी एक्ट की 20 जरूरी बातें, जो आपको पता होनी चाहिए

1. एससी/एसटी एक्ट (SC/ST Act) अनुसूचित जाति (Scheduled Caste) व जनजाति समुदाय के लोगों को छोड़कर बाकी सभी धर्मों व समुदायों के लोगों पर लागू होता है. 2. अनुसूचित जाति व जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम (Scheduled Caste and Scheduled Tribe (Prevention of Atrocities) Act) से संबंधित शिकायत पर केस दर्ज कराने के लिए सवर्ण समुदाय …

एससी/एसटी एक्ट की 20 जरूरी बातें, जो आपको पता होनी चाहिए Read More »

कांशीराम के अनमोल विचार… संयुक्‍त राष्‍ट्र में ‘दलित छात्रा’ ने बढ़ाया ‘भारत का मान’ शूरवीर तिलका मांझी, जो ‘जबरा पहाड़िया’ पुकारे गए खुशखबरी: हर जिले में किसान जीत सकते हैं ट्रैक्‍टर जब कानपुर रेलवे स्‍टेशन पर वाल्‍मीकि नेताओं ने किया Dr. BR Ambedkar का विरोध सुभाष चंद्र बोस और डॉ. बीआर आंबेडकर की मुलाकात Dr. Ambedkar Degrees : डॉ. आंबेडकर के पास कौन-कौन सी डिग्रियां थीं ‘धनंजय कीर’, जिन्होंने लिखी Dr. BR Ambedkar की सबसे मशहूर जीवनी कांशीराम के अनमोल विचार व कथन जो आपको पढ़ने चाहिए जब पहली बार कांशीराम ने संसद में प्रवेश किया, हर कोई सीट से खड़ा हो गया डॉ. आंबेडकर के पास थीं 35000 किताबें…