Corona vaccination

Mayawati Covid 19 Lockdown

Corona Vaccination: मायावती बोलीं- पंजाब सरकार का आपदा में मुनाफा कमाना दुर्भाग्यपूर्ण

लखनऊ. बसपा सुप्रीमो मायावती (Mayawati) ने पंजाब सरकार द्वारा आपदा में मुनाफा कमाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. उन्होंने कहा है कि पंजाब की कांग्रेस सरकार कोरोना वैक्सीन (Punjab Government Corona Vaccine) केंद्र से 400 रुपये में खरीद कर उसे सरकारी अस्पतालों के जरिए जनता को उसका लाभ देने के बजाय उसे प्राइवेट अस्पतालों को 1060 रुपये में बेचकर आपदा में भी मुनाफा कमा रही है.

मायावती ने इसकी आलोचना करते हुए कहा कि पंजाब सरकार (Punjab Government) का यह कृत्य अशोभनीय, अमानवीय, निंदनीय व अति-दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की इस गलत हरकत का मीडिया द्वारा पर्दाफाश करने के बाद स्पष्ट है कि कोरोना वैक्सीन के संबंध में कांग्रेस नेतृत्व का अभी तक का जो भी स्टैंड व बयानबाजी आदि रही है उसमें गंभीरता कम व नाटकबाजी ज्यादा लगती है.

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इस दौरान मायावती ने मांग की केंद्र सरकार इस मामले पर उचित संज्ञान लें, ताकि आम जनता तक वैक्सीन पहुंच सकें.

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जाति आधारित वैक्सीनेशन सेंटर ही नहीं पहले सैलून को लेकर भी हुआ है बवाल

नई दिल्ली. कोरोना महामारी से बचाव हेतु ब्राह्मणों (Corona Vaccination Center for Brahmins) के लिए अलग से वैक्सीनेशन सेंटर बनाए जाने पर कर्नाटक सरकार (Karnataka Government) विवादों में घिर गई है. हर कोई यही सवाल पूछ रहा है कि वैक्सीन भी सवर्ण और दलित जाति के आधार पर अलग-अलग दी जाएगी. हालांकि यह कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले कर्नाटक सरकार जाति आधारित सैलून खोलने की घोषणा को लेकर सुर्खियों में आई थी.

साल 2020 के नवंबर महीने में कर्नाटक के कुछ जिलों में जातिगत भेदभाव की घटनाएं घटित हुई थीं, जिसके बाद सरकार ने कुछ ऐसे सैलून खोलने का ऐलान किया था, जहां सिर्फ दलितों के बाल काटने और शेविंग की व्यवस्था की जाएगी.

ग्रामीण क्षेत्रों में सामने आई थी कई घटनाएं
राज्य के समाज कल्याण विभाग ने काफी समय पहले उन गांवों में सरकार द्वारा संचालित नाई की दुकानें शुरू करने का प्रस्ताव दिया था, जहां दलित आम सैलून का उपयोग करने से कतराते हैं, या फिर उन्हें वहां जाने से रोक दिया जाता है. विभाग ने राज्य भर में जातिगत पूर्वाग्रहों से लड़ने के लिए इस पहल की सिफारिश की थी.

हालांकि सरकार ने इस तरह के सैलून खोले या नहीं इसकी जानकारी नहीं है, लेकिन लोग इस तरह की बातों से भड़क गए थे. सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे दोहरी मानसिकता करार दिया था.

 

शर्मनाकः जाति के आधार पर कोरोना वैक्सीनेशन कैंप का आयोजन, तस्वीरें वायरल

नई दिल्ली. भारत में कोरोना वायरस की दूसरी लहर का प्रकोप (Coronavirus Second Wave) अब कुछ धीमा हुआ है. कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए विशेषज्ञ दो ही सुझाव दे रहे हैं एक मास्क और दूसरा वैक्सीनेशन. महामारी के खिलाफ जहां पूरा भारत एक साथ आगे आय़ा है. वहीं, कर्नाटक से एक बेहद ही चौंकाने वाली खबर सामने आयी है. यहां जाति के आधार पर टीकाकरण (Caste Based Vaccination) किया जा रहा है.

यहां ब्राह्मण समाज के लोगों के लिए अलग से वैक्सीनेशन कैंप (Vaccination Camp for Brahmins) का आयोजन किया है. दलित कांग्रेस और डॉ. चिगुरु प्रशांतो ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से शेयर की है. तस्वीरों में देखा जा सकता है कि ब्राह्मण समाज के लोग एक लाइन में खड़े होकर टीका लगवा रहे है.

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डॉ. चिगुरु प्रशांतो ने तस्वीरों को शेयर करते हुए लिखा, ‘अब जाति आधारित टीकाकरण एक नया विषय है! कर्नाटक में भाजपा सरकार ने ब्राह्मणों के लिए विशेष टीकाकरण अभियान का आयोजन किया है. ऐसा लगता है कि भाजपा सरकार भारतीय संविधान में विश्वास नहीं करती है. वे मनुस्मृति मॉडल का पालन करते हैं!’ उन्होंने दावा किया है कि ये तस्वीरें बेंगलुरू के मल्लेश्वरम की है.

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सोशल मीडिया पर ये तस्वीरें काफी वायरल हो रही हैं और लोग इसकी निंदा कर रहे हैं.

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