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झूठे आरोप लगाकर की दलित युवक की पिटाई, इलाज के लिए ले जाते वक्त मौत; ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

सिवान. बिहार के सिवान जिले के प्रखंड क्षेत्र के पनीयाडीह-पड़ौली बाजार के पास स्थित एक गांव में दलित युवक की पिटाई और फिर इलाज के लिए ले जाते वक्त उसकी मौत का मामला सामने आया है. दलित युवक की मौत के बाद ग्रामीणों में आक्रोश देखने को मिला. लोगों ने सड़क पर दलित युवक का शव रखकर प्रदर्शन किया.

मृतक के भाई का कहना है कि उसका बेटा और भाई बुधवार को पनीयाडीह में शटरिंग का काम कर रहे थे. इसी बीच करीब 11 बजे दलित युवक के पास घर बनाने का काम करने से संबंधित एक कॉल आया. जब उनका बेटा और भाई वहां गए तो आरोपियों में शामिल नीतीश ने अपने घर का काम नहीं करने का आरोप लगाते हुए युवक को जातिसूचक गाली दी.

विरोध करने पर की दलित युवक की पिटाई
नीतीश द्वारा जातिसूचक गालियां दिए जाने का विरोध करने पर दलित युवक को जान से मारने की धमकी देते हुए उन्होंने उसकी पिटाई शुरू कर दी. मृतक के भाई का आरोप है कि नीतीश कुमार सहित अन्य लोगों द्वारा पिटाई किए जाने के बाद उनके भाई के सिर पर गंभीर चोट लग गई.

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उनके शोर मचाने पर आसपास के लोग पहुंचे तो सभी आरोपी फरार हो गए. प्रारंभिक इलाज के लिए दलित युवक को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया. हालांकि डॉक्टर ने युवक को तुरंत शहरी अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी. पटना ले जाने के दौरान ही रास्ते में युवक की मौत हो गई.

परिवार को न्याय दिलाने की मांग
वहीं, इस घटना पर भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद ने ट्वीट किया, ‘देश में जाति आधारित नरसंहार भयावह रूप ले रहा है. बिहार के सिवान जिले में घर का काम न करने पर 8 कायरों ने मिलकर एक SC व्यक्ति की बर्बर हत्या कर दी. पुलिस अभी तक सभी हत्यारों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है. भीम आर्मी/ASP की टीम मौके पर डटी हुई है पीड़ित परिवार को न्याय दिलाकर रहेंगे.

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Rajasthan: सोसाइटी मैनेजर की मटकी से दलित युवक ने पी लिया पानी तो दी भद्दी जातिसूचक गालियां, देखें Video

नई दिल्ली/जयपुर. भारतीय संविधान ((Indian Constitution)) में समानता का अधिकार मिलने के बावजूद दलितों (Dalits) को समाज में धिक्कार झेलना पड़ रहा है. सिर्फ अनपढ़ लोग ही नहीं बल्कि शिक्षित लोग भी दलितों के साथ भेदभाव कर रहे हैं. इसका ताजा उदाहरण है भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे राजस्थान (Rajasthan) के बाड़मेर जिले (Barmer District) में एक सोसायटी मैनेजर का दलित युवक के साथ दुर्व्यवहार करना.

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि सोसायटी का मैनेजर दलित युवक पर गुस्सा कर रहा है.

पी लिया था मैनेजर की मटकी से पानी
दलित युवक ने सोसायटी के मैनेजर के मटके से पानी पी लिया था. इसके बाद मैनेजर गुस्सा हो गया और दलित युवक को भद्दी-भद्दी गालियां दी. साथ ही जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित किया.

देखें वीडियो: 

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मामला गांव में किसानों के ऋण वितरण के दौरान का बताया जा रहा है. वायरल वीडियो के मामले में फिलहाल किसी भी तरह की शिकायत या मामला दर्ज नहीं की गई है.

बहरहाल इस घटना के बाद एक सरकारी कर्मचारी द्वारा एक दलित युवक के महज पानी की मटकी के हाथ लगाने और उसके पानी पीने पर जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने और अभद्र व्यवहार करने के मामले ने समानता की बात पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है.

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Dalit girls will get 51 thousand 'blessings' on marriage

खास तोहफा! विवाह पर दलित लड़कियों को मिलेगा 51 हजार का ‘आशीर्वाद’

चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने शादी के वक्त दलित लड़कियों (Dalit Girls) को शादी के वक्त दी जाने वाली ‘आशीर्वाद’ योजना (Punjab Government Ashirwad Scheme) की राशि को सरकार ने बढ़ा दिया है.

पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कहा कि इस योजना की राशि को अब 21 हजार से बढ़ाकर 51 हजार रुपये कर दी गई है.

इन लोगों को भी मिल सकता है दोबारा लाभ
दैनिक जागरण पर प्रकाशित खबर के अनुसार पंजाब सरकार की नई योजना 1 जुलाई, 2021 से लागू होगी. अनुसूचित जाति से संबंधित विधवाएं व तलाकशुदा महिलाएं दोबारा विवाह के समय भी इस योजना का लाभ ले सकती हैं.

पंजाब सरकार की आशीर्वाद योजना के तहत इसमें सीधे लाभार्थियों के खाते में राशि डाली जाती है.

दूसरी बार किया गया स्कीम की राशि में विस्तार
मौजूदा सरकार की ओर से स्कीम की राशि में किया गया यह दूसरा विस्तार है, जिसने पहले 2017 में सत्ता संभालने से तुरंत बाद सहायता राशि 15000 रुपये से बढ़ाकर 21000 रुपये की थी और शगुन स्कीम का नाम बदलकर आशीर्वाद योजना रखा गया था.

60 हजार लोगों को होगा फायदा
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद राज्य सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि इस राशि में वृद्धि से 60 हजार लोगों को फायदा होगा, वहीं सरकारी खजाने पर 180 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा.

 

Dalit Beat

दलित वर्ग ध्यान दें! उत्पीड़न की घटनाओं पर एक क्लिक में करें शिकायत

नई दिल्ली. देशभर में दलित वर्ग के लोगों के साथ होने वाले उत्पीड़न (Dalit oppression) को ध्यान में रखते हुए अनुसूचित जाति आयोग (Scheduled Castes Commission) ने एक्शन लिया है. दलितों के साथ जातिगत आधार पर किसी तरह का दुर्व्यवाहर न हो इसके लिए अनुसूचित जाति आयोग ने एक शिकायत पोर्टल को लॉन्च किया है. इस पोर्टल के जरिए अनुसूचित जाति का कोई भी व्यक्ति देश के किसी भी हिस्से से अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है.

शिकायतों की वर्तमान स्थिति और अन्य चीजों की भी सुविधा

– इस पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाने वाले दलितों के लिए ई-फाइलिंग की सुविधा भी है.

– आपकी शिकायत की वर्तमान स्थिति क्या है, उस पर क्या एक्शन लिया गया पोर्टल पर उसे भी देखा जा सकता है.

-इस पोर्टल के माध्यम के जरिए आप दस्तावेज़ और ऑडियो / वीडियो फ़ाइलों को भी अपलोड कर सकते हैं.

आधिकारिक जानकारी के अनुसार इस पोर्टल के माध्यम से विशेष रूप से अनुसूचित जाति की आबादी की शिकायतों और उसके निवारण को व्यवस्थित करना है.

देश के किसी भी हिस्से में रहने वाले दलितों के साथ किसी भी तरह का शारीरिक या मौखिक तौर पर उत्पीड़न होता है तो वो ncsc.negd.in वेबसाइट पर लॉगिन कर सकते हैं और शिकायत दर्ज करवा सकते हैं.