भोपाल: सीवेज टैंक में उतरने से 2 की मौत मामले में दर्ज होगा केस, मिलेगा 10 लाख का मुआवजा

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भोपाल: मध्‍यप्रदेश की राजधानी भोपाल (Bhopal) के लाऊखेड़ी (Lau Khedi) में सीवेज चैंबर में उतरने से हुई दो लोगों की मौत के मामले में भोपाल नगर निगम (Bhopal Municipal Corporation) ने आनी जांच रिपोर्ट सौंप दी. इसमें माना गया है कि इंजीनियर और मजदूर बिना किसी सुरक्षा उपकरणों और सुरक्षा मानकों के सीवेज में उतरे थे. जांच रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कंपनी अंकिता कंस्ट्रक्शन की ओर से सुरक्षा के उपकरण नहीं दिए गए थे.

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, Bhopal Municipal Corporation ने अपनी रिपोर्ट में प्रशासन ने ये भी माना कि सीवर में जिस मृतक श्रमिक की मौत हुई, वह नाबालिग था. इस रिपोर्ट के बाद नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने पुलिस कमिश्नर को क्रिमिनल केस दर्ज करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही मृतकों के आश्रितों को 10-10 लाख रुपए की सरकारी मदद के आदेश देने का भी आदेश दिया गया है.

भोपाल : बिना सुरक्षा उपकरण सीवर टैंक में उतरे दो लोगों की मौत, अफसर बनना चाहता था मृतक युवक

मध्‍यप्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी में भोपाल (Bhopal) में 20 फीट गहरे सीवर की सफाई के दौरान दो लोग हादसे का शिकार हो गए. गुजरात की एक कंपनी के इंजीनियर दीपक सिंह और एक अन्य नाबालिग छात्र सीवर की जांच के ल‍िए उसमें उतरे थे, जिससे उनकी मौत (Two Sanitation workers died while cleaning the Sewer) हो गई. गंभीर बात यह है कि इस उनके पास सुरक्षा उपकरण भी नहीं थे, जबकि मनुअल स्‍केवेजिंग कानून (THE PROHIBITION OF EMPLOYMENT AS MANUAL SCAVENGERS AND THEIR REHABILITATION ACT, 2013) में इसका सख्‍त प्रावधान है कि बिना सुरक्षा एवं अन्‍य सहायक उपकरणों के किसी भी शख्‍स को गटर, सीवर आदि में उतारा नहीं जा सकता.

 

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