राजस्‍थान के पहले दलित CM का निधन, पहली मीटिंग में ही नेहरू हो गए थे प्रभावित

jagannath pahadia Dalit

नई दिल्‍ली/जयपुर : राजस्‍थान (Rajasthan) के पहले दलित मुख्‍यमंत्री (Dalit Chief Minister) जगन्नाथ पहाड़िया (Jagannath Pahadia) का कोरोना महामारी (Covid 19) से निधन हो गया है. 93 साल के जगन्नाथ पहाड़िया (Jagannath Pahadia) पिछले द‍िनों कोरोना से संक्रमित थे और उनका इलाज दिल्‍ली (Delhi) में चल रहा था. उनकी पत्‍नी भी अस्‍पताल में भर्ती हैं, जहां उनका उपचार चल रहा है.

राजस्‍थान सरकार ने घोषणा की है कि दिवंगत पूर्व मुख्‍यमंत्री पहाड़िया के सम्मान में एक दिन का राजकीय शोक रहेगा और इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा. सभी सरकारी कार्यालयों में 20 मई का अवकाश रहेगा. पहाड़िया की अंत्येष्टि राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर लिखा कि ‘प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री जगन्नाथ पहाड़िया जी के निधन की खबर बेहद दुखद है. श्री पहाड़िया ने मुख्यमंत्री के रूप में, राज्यपाल के रूप में, केंद्रीय मंत्री के रूप में लम्बे समय तक देश की सेवा की, वे देश के वरिष्ठ नेताओं में से थे. श्री पहाड़िया हमारे बीच से कोविड की वजह से चले गए, उनके निधन से मुझे बेहद आघात पहुंचा है.’

सरकार की तरफ से कहा गया है कि गुरुवार दोपहर 12:00 बजे राज्य मंत्री परिषद की बैठक होगी. इसमें पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ पहाड़िया के निधन पर शोक व्यक्त किया जाएगा.

जगन्नाथ पहाड़िया राजस्थान (Rajasthan) के पहले दलित मुख्यमंत्री (Dalit Chief Minister)) थे…

बता दें कि पहाड़िया राजस्थान (Rajasthan) के पहले दलित मुख्यमंत्री (Dalit Chief Minister) थे. उनका जन्‍म 15 जनवरी 1932 को हुआ. पहाड़िया 6 जून 1980 से जुलाई 1981 तक 11 महीने राजस्थान के सीएम रहे थे.

1957 में पहाड़िया को सबसे कम उम्र में सांसद बनने का अवसर मिला था. जब वे सांसद चुने गए तब उनकी उम्र 25 साल 3 माह थी. पंडित नेहरू, दिल्ली में उनसे पहली मुलाकात में ही प्रभावित होकर उन्हें कांग्रेस का टिकट दिया था.

बाद में इंदिरा गांधी और फिर संजय गांधी के बेहद करीबी होने की वजह से उन्हें राजस्थान का मुख्यमंत्री बनने का अवसर मिला था. लेकिन वह मुख्यमंत्री पद पर लंबे समय तक नहीं रह पाए. मुख्यमंत्री बनने से पहले 1965 में जगन्नाथ पहाड़िया राज्यसभा से सांसद चुने गए थे.

इंदिरा गांधी के मंत्रिमंडल में उन्हें मंत्री बनने का भी मौका मिला था. 1989 में उन्हें बिहार का राज्यपाल बनाया गया था. 2009 से 2014 तक हरियाणा के राज्यपाल रहे थे. जगन्नाथ पहाड़िया के निधन से राजस्थान में कांग्रेस ने सबसे वरिष्ठ नेता को खो दिया है.

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