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Who is Dalit : दलित कौन है? इस शब्‍द का अर्थ या मायने क्‍या हैं…

Who is Dalit Dalit Means Dalit Meaning What is Dalit

Who is Dalit : प्रख्‍यात दलित साहित्‍यकार ओमप्रकाश वाल्‍मीकि (Om Prakash Valmiki) कहते हैं कि भारतीय समाज में वर्ण व्‍यवस्‍था (Caste System) के आधार पर जो बंटवारा हुआ, उसकी ही देन है जातिभेद. हिंदू व्यवस्था की अमानवीयता का परिणाम इतना भयानक है कि आधुनिक भारतीय समाज हजारों जातियों में बंटा हुआ है और जातिगत भेदभाव आज भी उसी तरह जड़े जमाए हुए है, जैसे की हजारों वर्ष पहले. इसी जातिगत भेदभाव की वजह से देश में दलितों की स्थिति खराब है. कहें तो दलित समाज (Dalit Community) की वास्‍तविक स्थिति आज भी करीब वैसी ही है, जैसी पुरातन काल में थी. दलित (Dalit) आज भी उसी तरह सताए जाते हैं, समाज में हर प्रकार से वंचित रखे जाते हैं. इसी सामाजिक एवं हर तरह की असमानता ने दलित समाज के भीतर चेतना पैदा की है.

देखा जाए तो पहले से कहीं ज्‍यादा आज दलित शब्‍द चर्चा का विषय है. अकसर ये चर्चा होती है या पूछा जाता है कि आखिर दलित शब्‍द आया कहां से, या इसका क्‍या अर्थ होता है? लिहाज़ा, इस पर लिखना, पढ़ना और समझना बेहद जरूरी है.

जानिए, दलित कौन है? (Who is Dalit?)

दरअसल, दलित (Dalit) अंग्रेजी शब्द डिप्रेस्ड क्लास का हिन्दी अनुवाद है. भारत में वर्तमान समय में ‘दलित’ शब्द का अनेक अर्थों में उपयोग होता है. दलित शब्द का अर्थ पीड़ित, शोषित, ‘दबाया हुआ’ एवं ‘जिनका हक छीना गया हो’ होता है. इस अर्थ में हिन्दू, मुसलमान, ईसाई आदि सभी धर्मों में दलित वर्ग मौजूद है. वर्तमान समय में जिनको दलित समझा जाता है, उनमें से अनेक को पहले ‘अछूत’ या ‘अस्पृश्य’ माना जाता था. उनका हर तरह से शोषण हुआ. भारत की जनगणना 2011 (Census of India 2011) के अनुसार, भारत की जनसंख्‍या में लगभग 16.6 प्रतिशत या 20.14 करोड़ आबादी दलितों की है.

दलित शब्द का अर्थ स्पष्ट करते हुए रामचन्द्र वर्मा लिखते हैं कि ‘‘दलित शब्द (Dalit Word) मसला हुआ, मर्दित, दबाया, रौंदा या कुचला हुआ, विनिष्ट किया हुआ है. उनका यह अर्थ दलितों की दशा के अनुरूप है.

हिन्दी साहित्य कोष (धीरेंद्र वर्मा) में दलित वर्ग के बारे में लिखा गया है कि ‘यह समाज का निम्नतम वर्ग है‘. उदाहरण के तौर पर दास प्रथा में दास, सामंतवाद प्रथा में किसान, पूंजीवाद व्यवस्था मे मजदूर समाज का दलित वर्ग कहलाता है.

बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर (Dr. BR Ambedkar) ने अंग्रेजी में ‘डिप्रेस्‍ड’ (Depressed) व मराठी में ‘बहिष्कृत’ (OutCaste) तथा ‘अस्पृश्य’ (Untouchable) शब्द, जिन लोगों या जिन जातियों के लिए इस्‍तेमाल किए हैं, उन्‍हें मराठी व हिन्दी साहित्य में उन्हें दलित कहा गया है. इस दायरे में व्यवहारिक रूप से यही लोग अधिक आते हैं.

 

 

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