जंगल में किया दलित युवती का रेप, फिर पंचायत में दी जातिसूचक गालियां और…

aligarh, aligarh police, UP Crime news, UP NEWS, अलीगढ़, अलीगढ़ क्राइम, अलीगढ़ पुलिस, Aligarh Police latest news in Hindi

नई दिल्ली. झारखंड (Jharkhand) के धनबाद में एक बार फिर दलित युवती के साथ दुष्कर्म (Dalit Girl Rape) का मामला सामने आया है. 24 मार्च को धनबाद के गोविंदपुर थाना क्षेत्र में एक 20 साल की दलित युवती के साथ गांव के लिए युवक ने जंगल में ले जाकर दुष्कर्म किया. पीड़िता द्वारा पुलिस में की गई शिकायत में कहा गया है कि वह अपने नानी के घर बस्ताकोला गई हुई थी.

बस्ताकोला से लौटने में उसे देर शाम हो गई. घर पहुंचते ही गांव के युवक राहुल उसे खींच कर अपने घर के पीछे जंगल की ओर ले गया. वहां दुष्कर्म का प्रयास करने लगा. इस दौरान पीड़िता ने युवक के गले और मुंह को नोच लिया. इसके बाद उसने युवती के साथ दुष्कर्म किया. युवती ने घर आकर अपने माता-पिता को घटना की जानकारी दी.

गांव पंचायत में पीड़ित परिवार के साथ मारपीट
लाइव हिंदुस्तान पर प्रकाशित खबर के अनुसार पीड़ित परिवार के कहने वाले गांव के मुखिया मिहिर मंडर के नेतृत्व में पंचायत बुलाई गई. इस दौरान युवक के पिता ने पीड़ित परिवार के साथ मारपीट की. जबकि पंचायत में बैठे बाकि लोग मूक दर्शक बनकर देखते रहे. पीड़िता के पिता की हालत चिंताजनक बनी हुई है.

ये भी पढ़ेंः- स्तन ढकने का हक पाने के लिए दलितों का आंदोलन और विद्रोही बन गए अय्यंकालि

पीड़ित परिवार को दी गई जातिसूचक गालियां
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि युवक के परिवार ने उन्हें जातिसूचक गालियां दी. आरोपियों ने कहा कि तुम्हारे साथ बराबर दुष्कर्म करेंगे. फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है.

 

 

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कांशीराम के अनमोल विचार… संयुक्‍त राष्‍ट्र में ‘दलित छात्रा’ ने बढ़ाया ‘भारत का मान’ शूरवीर तिलका मांझी, जो ‘जबरा पहाड़िया’ पुकारे गए खुशखबरी: हर जिले में किसान जीत सकते हैं ट्रैक्‍टर जब कानपुर रेलवे स्‍टेशन पर वाल्‍मीकि नेताओं ने किया Dr. BR Ambedkar का विरोध सुभाष चंद्र बोस और डॉ. बीआर आंबेडकर की मुलाकात Dr. Ambedkar Degrees : डॉ. आंबेडकर के पास कौन-कौन सी डिग्रियां थीं ‘धनंजय कीर’, जिन्होंने लिखी Dr. BR Ambedkar की सबसे मशहूर जीवनी कांशीराम के अनमोल विचार व कथन जो आपको पढ़ने चाहिए जब पहली बार कांशीराम ने संसद में प्रवेश किया, हर कोई सीट से खड़ा हो गया डॉ. आंबेडकर के पास थीं 35000 किताबें…